- गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से आई.एस.आई. द्वारा प्रायोजित हैंडलर के संपर्क में थे: डी.जी.पी. गौरव यादव
- आई.एस.आई. हैंडलर सीमावर्ती राज्य में देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे हैं: एस.एस.पी. अमृतसर देहाती कंवलप्रीत चाहल
चंडीगढ़/अमृतसर, 31 जुलाई: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर देहाती पुलिस ने थाना अजनाला की पुलिस चौकी चमियारी पर हुए हमले में शामिल एक नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान करनबीर सिंह उर्फ गोरा, मनीदीप सिंह (दोनों निवासी गांव हरड़ खुर्द, अमृतसर), परदीप सिंह उर्फ लव (निवासी गुज्जरपुरा, अमृतसर) और एक नाबालिग के रूप में हुई है।
डी.जी.पी. गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से आई.एस.आई. द्वारा प्रायोजित हैंडलर के संपर्क में थे और उन्हें इस हमले को अंजाम देने के लिए धन प्राप्त हुआ था।
डी.जी.पी. ने कहा कि इस मामले में पूरे नेटवर्क की पहचान करने और फंडिंग चैनलों का पर्दाफाश करने के लिए आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने हेतु आगे की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 21 और 22 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात को मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने पुलिस चौकी चमियारी पर कोई विस्फोटक सामग्री फेंकी थी।
ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एस.एस.पी.) अमृतसर देहाती कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि इस घटना के तुरंत बाद मामले को सुलझाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था।
उन्होंने बताया कि मानवीय स्रोतों और तकनीकी पड़तालों के आधार पर दोषियों की पहचान की गई और आगे की जांच के परिणामस्वरूप चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
एस.एस.पी. ने बताया कि आरोपी मनीदीप और परदीप ने रेकी की और योजना बनाई, जबकि करनबीर ने अपने नाबालिग साथी के साथ मिलकर पुलिस चौकी चमियारी पर हमले को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल अभी बरामद की जानी बाकी है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक निष्कर्षों से यह भी संकेत मिले हैं कि आई.एस.आई. हैंडलर सीमावर्ती राज्य में देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए 15-25 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार युवाओं को भर्ती करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की कथित कोशिश कर रहे हैं।
इस संबंध में थाना अजनाला में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 109, 326-बी, 221, 132, 48, 111, 113, 61(2) और 3(5) के तहत एफ.आई.आर. संख्या 250 पहले ही दर्ज की जा चुकी है।
















