जालंधर (वरियाना): पंजाब के किसानों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। दरअसल एक तरफ जहां राज्य सरकार किसानों को हर सुविधा देने के साथ-साथ बेहतर प्रशासन देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक विभाग की लापरवाही के कारण गांव अठौला में काला संघिया ड्रेन का गंदा पानी ओवरफ्लो होने से किसानों की 150 एकड़ से ज्यादा फसल बर्बाद होने के कगार पर है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए किसान सहकारी सभा के प्रधान तरसेम सिंह, गुरदीप सिंह, भूपिंदर सिंह, स्वर्ण सिंह, हरविंदर सिंह, जरनैल सिंह, महिंदर सिंह, भजन सिंह, अमरजीत सिंह, गुरजीत सिंह, मनजीत सिंह सोहल आदि ने बताया कि गांव के पास से गुजरने वाले काला संघिया ड्रेन की पिछले 10 वर्षों से ड्रेनेज विभाग ने सफाई नहीं करवाई है, जिसके कारण अब बरसात के दिनों में उक्त ड्रेन में जंगली घास ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जो किसानों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ड्रेन की सफाई न होने के कारण उसमें उगी जंगली घास के कारण ड्रेन का गंदा पानी बरसात के दिनों में ओवरफ्लो होकर करीब 150 एकड़ खेतों में बोई गई फसलों में घुस गया है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने ड्रेनेज विभाग को भी सूचित किया है, लेकिन ऐसा लगता है कि वह कुंभकरणी नींद सो रही है, जो हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बारिश के कारण ड्रेन में पानी का बहाव तेज रहता है, जो ड्रेन के जर्जर किनारों को तोड़कर खेतों में घुस जाता है। उक्त ड्रेन पर कई जगह जो पुल बनाए गए हैं, वे पानी के बहाव के हिसाब से बहुत छोटे हैं, जिस कारण पानी रुक जाता है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने ड्रेन की जल्द सफाई नहीं करवाई और बड़े पुल नहीं बनाए तो फसलों को नुकसान होगा। साथ ही इस पानी की दुर्गंध के कारण कई जानलेवा बीमारियां भी फैल सकती हैं। इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से मांग की कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए ताकि उनकी फसलों को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि ड्रेन के इस गंदे पानी के कारण ज्यादातर फसलों, खासकर धान और पशुओं के चारे को नुकसान हो रहा है।










