कैथल : कैथल (हरियाणा) के एक युवक को एजेंटों ने डोंकी रूट के जरिए यूरोप भेजने का झांसा दिया। ₹9 लाख की डील के बाद शुरू हुआ प्रताड़ना का ऐसा दौर, जिसने युवक को जिंदगी और मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया।युवक ने घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश जाने का फैसला किया था। एजेंटों ने ₹9 लाख में उसे वैध तरीके से यूरोप पहुंचाने का वादा किया।फ्लाइट से भेजने के बजाय एजेंटों ने उसे ‘डंकी रूट’ (जंगल और अवैध रास्तों) पर धकेल दिया।
पाकिस्तानी एजेंटों का टॉर्चर और बीफ का दबाव
युवक को तुर्की और ग्रीस के बॉर्डर के पास बेहद खराब मौसम (-4 डिग्री तापमान) में बिना गर्म कपड़ों के एक कस्टडी में रखा गया। वहां कस्टडी का जिम्मा पाकिस्तानी मूल के एजेंटों के पास था। युवक का आरोप है कि वहां उन्हें खाने के नाम पर जबरन बीफ (गोमांस) परोसा गया, जिसका विरोध करने पर उन्हें बुरी तरह पीटा जाता था।
7 महीने जेल और आर्मी का एक्शन
अवैध रूप से सीमा पार करते समय युवक को विदेशी सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया। इसके बाद उसे करीब 7 महीने तक विदेशी जेल की कालकोठरी में रहना पड़ा।जेल की सजा काटने के बाद, वहां की आर्मी ने उसे अमानवीय तरीके से वापस बॉर्डर के उस पार धकेल दिया, जहां से जैसे-तैसे वह वापस भारत पहुंच सका।

















