Jharkhand Plane Crash : झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया में सोमवार (23 फरवरी 2026) की रात एक बड़ा विमान हादसा हो गया। रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक एयर एम्बुलेंस खराब मौसम और तकनीकी दिक्कतों के चलते क्रैश हो गई। इस हृदयविदारक घटना में विमान में सवार मरीज, डॉक्टर और पायलट समेत सभी 7 लोगों की मौत हो गई है।
कब और कैसे हुआ हादसा?
विमान ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन शाम 7:34 बजे अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से उसका संपर्क टूट गया। रडार से गायब होने से ठीक पहले पायलट ने खराब मौसम की वजह से रूट बदलने की अनुमति मांगी थी। विमान वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दूर था जब उसने अंतिम सिग्नल भेजा।
कौन-कौन थे सवार? (मृतकों की सूची)
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान हो गई है:
मरीज: संजय कुमार (41 वर्ष), निवासी- चंदवा, लातेहार।
मेडिकल टीम: डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा।
पायलट: कैप्टन विवेक विकास बिलागत और कैप्टन सवरदीप सिंह।
परिजन (अटेंडेंट): अर्चना देवी और धुरु कुमार।
बेहतर इलाज की उम्मीद में उड़ी थी एम्बुलेंस
मृतक मरीज संजय कुमार पेट्रोलियम पदार्थ से लगी आग की चपेट में आ गए थे जिससे उनका शरीर 63% तक झुलस गया था। रांची के देवकमल अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद उन्हें वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट के साथ दिल्ली के हायर सेंटर रेफर किया गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि दिल्ली में संजय की जान बच जाएगी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
चुनौतियों भरा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
चतरा एसपी सुमित कुमार अग्रवाल के अनुसार विमान का मलबा सिमरिया के घने जंगलों में मिला। रात का अंधेरा, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों ने संयुक्त रूप से शवों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।
जांच के घेरे में सुरक्षा मानक
हादसे की खबर मिलते ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच के आदेश दे दिए हैं। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम मौके पर पहुंचकर ब्लैक बॉक्स और मलबे की जांच करेगी। यह हादसा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि हाल के दिनों में चार्टर और एयर एम्बुलेंस सेवाओं की सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।









