International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) को लेकर एक नए दौर की बातचीत Islamabad में होने की संभावना जताई जा रही है।अमेरिका और ईरान ने संकेत दिया है कि वे इस्लामाबाद में नए दौर की युद्धविराम वार्ता में शामिल होंगे। दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वार्ता की संभावना को देखते हुए Pakistan की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं और एयरपोर्ट व प्रमुख रास्तों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है, जिससे संकेत मिलता है कि उच्चस्तरीय वार्ता हो सकती है।
अधिकारियों की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब न तो अमेरिका और न ही ईरान ने सार्वजनिक रूप से वार्ता के समय की पुष्टि की है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब 8 अप्रैल से शुरू हुआ दो हफ्ते का सीजफायर अब खत्म होने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, अगर वार्ता होती है तो अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जे.डी. वैंस JD Vance कर सकते हैं, जबकि ईरान की ओर से पहले मोहम्मद बाक़िर क़ालिबफ़ Mohammad Bagher Qalibaf बातचीत का नेतृत्व कर चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि ईरान के सरकारी टीवी ने यह भी कहा है कि अब तक कोई प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं पहुंचा है, जिससे स्थिति थोड़ी अस्पष्ट बनी हुई है।
दोनों देशों के बीच बयानबाजी काफी तेज हो गई है।
डोनाल्ड ट्रम्प Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो “काफी बम गिरेंगे”, जबकि ईरान की ओर से कहा गया है कि उनके पास “युद्ध के नए पत्ते” हैं, जिन्हें अभी तक इस्तेमाल नहीं किया गया है। हालात इसलिए और तनावपूर्ण हो गए हैं क्योंकि हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने एक ईरानी जहाज को जब्त किया था। इसके अलावा अमेरिका ने एक तेल टैंकर M/T Tifani पर भी कार्रवाई की, जिसे ईरानी तेल की तस्करी से जुड़ा बताया गया। इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। कुल मिलाकर, स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। अगर बातचीत सफल होती है तो युद्ध टल सकता है और सीजफायर आगे बढ़ सकता है, लेकिन अगर वार्ता विफल रही तो संघर्ष और ज्यादा भड़कने का खतरा बना हुआ है।












