
मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी और सरकार में अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं
चंडीगढ़: कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के विवादित वीडियो को लेकर दी गई “मास्क” वाली सफाई को खारिज करते हुए, इसे बाद में गढ़ा गया एक कमजोर बहाना बताया है, जिसका उद्देश्य खुद का बचाव करने की एक अन्य असफल कोशिश है।
पार्टी ने अपनी मांग दोहराते हुए, कहा है कि मुख्यमंत्री तत्काल इस्तीफा दें और श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हों। वड़िंग ने कहा कि मान दोषी भी हैं और बागी भी हैं। उन्होंने कहा कि जितना अधिक अड़ियल रवैया मान अपना रहे हैं, इतना ही इनकी दोषी होने की बात साबित हो रही है और लोगों का यह विश्वास मजबूत हो रहा है कि यह बहुत कुछ छिपा रहे हैं।
इस संबंध में, मुख्यमंत्री द्वारा एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किए गए, दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने चारों ओर लगातार झूठ का ऐसा जाल बुन रहे हैं, जिससे बाहर निकलना उनके लिए असंभव होता जा रहा है।
वड़िंग ने मान की इस सफाई का मजाक उड़ाया कि कोई व्यक्ति उनके जैसा दिखने के लिए मास्क पहनकर घूम रहा था। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह झूठ है। पहले मान ने कहा था कि वीडियो एआई से बनाई गई है, फिर कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं और अब यह एक नई काल्पनिक थ्योरी लेकर आए हैं कि उस व्यक्ति ने उनके चेहरे जैसा मास्क पहन रखा था। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई हैरानी नहीं होगी यदि मान कल कोई और कमजोर बहाना लेकर आ जाएं। उन्होंने कहा कि मान के सलाहकार ऐसी हास्यास्पद और बेतुकी सफाइयां देकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह झूठों की एक श्रृंखला है, जिसमें हर नया झूठ मान को और अधिक बेनकाब कर रहा है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि इतने ऊंचे पद पर बैठा व्यक्ति ऐसी बातों के झांसे में कैसे आ सकता है, जो उसे निर्दोष साबित करने के बजाय और अधिक झूठ के जाल में फंसा रही हैं।
वड़िंग ने मान के इस दावे पर भी तंज कसा कि पंजाब के लोग उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को छोड़िए, अब तो आम आदमी पार्टी और इनकी अपनी सरकार भी इनसे दूरी बनाने लगी है।
उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि अब मान को अपना बचाव स्वयं करना पड़ रहा है, क्योंकि न तो उनकी पार्टी और न ही सरकार में कोई और उनके झूठों का बचाव करने के लिए तैयार है। इस दौरान उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल चीमा को हुई उस शर्मिंदगी का भी जिक्र किया, जब उनके द्वारा पेश की गई फोरेंसिक रिपोर्ट बाद में फर्जी निकली थी।









