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भाजपा शासित राज्यों में घोटाले ही घोटाले, अशोक गहलोत का हमला, बोले- MP के CM का भी आया है नाम

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जोधपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं और जनता सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि हालात इतने गंभीर हैं कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी कथित घोटालों में सामने आया है, लेकिन भाजपा के पास इन आरोपों का कोई जवाब नहीं है।

 

जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां अव्यवस्था और अफरातफरी का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में भी जनता सरकार के कामकाज से नाखुश है और स्थिति मुख्यमंत्री के नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को हालात को समझकर सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए, अन्यथा स्थिति और बिगड़ सकती है।

 

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर बोलते हुए गहलोत ने कहा कि राजनीति में बिना तथ्यों के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास तथ्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का नाम लेते हुए कहा कि वे वर्षों से लगातार आरोप लगाते और आंदोलन करते रहे हैं। यह उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है।

 

गहलोत ने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर लगाए गए आरोपों को लेकर पार्टी के भीतर भी आश्चर्य की स्थिति है। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त तथ्यों के इस तरह के आरोप लगाना किसी भी राजनीतिक दल के अध्यक्ष की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने का प्रयास माना जा सकता है। उन्होंने किरोड़ी लाल मीणा से अपनी कार्यप्रणाली पर पुनर्विचार करने की सलाह भी दी।

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसीबी पर सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय का दबाव है। गहलोत ने दावा किया कि जांच एजेंसियों के अधिकारियों पर ऊपर से दबाव डाला जा रहा है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी रिपोर्टें आती रहती हैं जिनसे पता चलता है कि कई अधिकारी मौजूदा व्यवस्था से असंतुष्ट हैं।

 

अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में वास्तविक निर्णय आरएसएस के प्रभाव में लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर, पोस्टिंग और अन्य प्रशासनिक फैसलों में बाहरी हस्तक्षेप देखने को मिल रहा है। गहलोत ने दावा किया कि राजस्थान की जनता मौजूदा परिस्थितियों को देख रही है और आगामी चुनावों में इसका असर दिखाई देगा।

 

हालांकि भाजपा और राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। राजनीतिक गलियारों में गहलोत के इन बयानों को आगामी चुनावी रणनीति और बढ़ते राजनीतिक टकराव के संदर्भ में देखा जा रहा है।