Punjabi News

PM मोदी को बधाई और भारतीय जहाजों पर हमलेः अमेरिका ने बेशर्मी से कबूला, हां हमने ही दागीं जलवीर शिप पर भी हेलफायर मिसाइलें

11

Washington: एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई संदेश व दूसरी भारतीय जहाजों पर हमलों ने एक बार फिर अमेरिका की दोगली नीतियों की पोल खोल दी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका ने भारतीय चालक दल वाले एक और वाणिज्यिक जहाज पर कार्रवाई करने की बात स्वीकार कर ली है। अमेरिकी सैन्य कमान CENTCOM ने कहा है कि उसने गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर MT Jalveer के इंजन रूम पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं, जिससे जहाज निष्क्रिय हो गया। यह घटना ओमान के शिनास और सोहर तट के निकट हुई, जहां कुछ घंटे पहले जहाज में आग लगने और धुआं उठने की सूचना सामने आई थी। जहां वॉशिंगटन भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी और दोस्ती की बात कर रहा है, वहीं ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने नई दिल्ली और भारतीय जनमानस में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस देश का राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांध रहा है, उसी देश की सेना भारतीय नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाली कार्रवाई क्यों कर रही है?खाड़ी में अमेरिकी हमलों की श्रृंखला के बीच MT सेटेबेलो पर तीन भारतीय नाविकों की मौत और MT जलवीर पर हेलफायर मिसाइलें दागे जाने की स्वीकारोक्ति ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका की ओर से दोस्ती के संदेश और समुद्र में आक्रामक सैन्य कार्रवाई के इस विरोधाभास ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहस छेड़ दी है।

 

अमेरिका ने क्या कहा?
CENTCOM के अनुसार, MT जलवीर ईरान से तेल लेकर ओमान की खाड़ी से गुजरने की कोशिश कर रहा था और अमेरिकी बलों के निर्देशों का बार-बार पालन नहीं कर रहा था। इसके बाद अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाते हुए दो हेलफायर मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सैन्य कमान का दावा है कि यह इस सप्ताह ऐसा तीसरा जहाज है जिस पर उसने कार्रवाई की है।

 

एक सप्ताह में तीसरा हमला
MT जलवीर पर कार्रवाई से पहले अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर MT Marivex और MT Settebello नामक जहाजों पर भी कार्रवाई की थी। CENTCOM का आरोप है कि ये जहाज अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहे थे। सबसे गंभीर घटना MT Settebello से जुड़ी रही, जहां भारतीय चालक दल के 24 सदस्यों में से तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि अन्य को बचा लिया गया था। घटना के बाद राहत की खबर यह रही कि जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं। ओमान स्थित भारतीय दूतावास और Royal Navy of Oman ने संयुक्त रूप से चालक दल को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया। भारतीय दूतावास ने कहा कि निकासी अभियान का समन्वय स्थानीय अधिकारियों के साथ किया गया और चालक दल को सुरक्षित शिनास बंदरगाह पहुंचाया जा रहा है।

 

भारत पहले भी जता चुका कड़ा विरोध
सेटेबेलो घटना के बाद भारत ने अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया था। नई दिल्ली ने कहा था कि पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक समुद्री ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है। ओमान की खाड़ी और Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल हैं, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।लगातार हो रहे हमलों और सैन्य कार्रवाइयों ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।