
चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने लुधियाना में सिर्फ़ 48 घंटों के अंदर 9 नाबालिग लड़कियों के लापता होने की मीडिया रिपोर्टों का गंभीरता से संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार को निर्देश जारी किए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने पंजाब सरकार से कहा है कि वह लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर (DC) के ज़रिए एक हलफ़नामा दाखिल करे, जिसमें स्थिति का पूरा ब्यौरा और प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी हो। अखबारों की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों पर गहरी चिंता जताते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
वहीं, मामला गरमाने के बाद स्थानीय पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार, मई के आखिर और जून की शुरुआत में 13 लड़कियों के लापता होने के सिलसिले में लुधियाना के अलग-अलग थानों में 11 FIR दर्ज की गई थीं। पुलिस ने इस मामले में अपहरण या किसी संगठित आपराधिक गिरोह की संलिप्तता की किसी भी संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शुरुआती जांच का हवाला देते हुए पुलिस ने कहा कि ये लड़कियां “निजी या पारिवारिक कारणों से अपनी मर्जी से” घर से गई थीं।












