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अमेरिका का गुस्सा आसमान परः अब ईरान में बच्चों के कैंसर अस्पताल और एयरपोर्ट पर बरसाईं मिसाइलें, तेहरान ने भी किया पलटवार

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International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार तड़के अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर ताजा हवाई हमले किए। इन हमलों में अहवाज़ स्थित शाहिद बघाई अस्पताल, एक हवाई अड्डा और कई सैन्य ठिकाने प्रभावित हुए। वहीं जवाबी कार्रवाई में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागने का दावा किया है।ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के अनुसार, अमेरिकी हमले में अहवाज़ के शाहिद बघाई अस्पताल का बाल कैंसर उपचार (कीमोथेरेपी) विभाग क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद 211 मरीजों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया। अस्पताल में बच्चों सहित कैंसर मरीजों का इलाज चल रहा था।

 

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान में हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई और कई मिसाइलों को रोकने का दावा किया गया। ईरान के अनुसार, अमेरिकी हमलों में एक सैन्य बैरक भी निशाना बना, जिसमें कम से कम सात सैनिकों की मौत हुई। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अब तक अमेरिकी हमलों में 35 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
अमेरिकी अड्डों पर दागीं मिसाइलें
IRGC ने दावा किया कि उसने बुधवार रात कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस, बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जॉर्डन में अमेरिकी अड्डों पर मिसाइलें दागीं। कुवैत ने दावा किया कि उोसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलें और ड्रोन मार गिराए, जबकि जॉर्डन ने भी तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने की पुष्टि की। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसकी सेना ने दक्षिण-पश्चिमी शहर अंदिमेश्क के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया। हालांकि अमेरिका की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।

 

होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बरकरार
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी और सख्त कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार चेतावनी न मानने पर एक खाली तेल टैंकर को हेलफायर मिसाइल से निष्क्रिय किया गया। दो व्यावसायिक जहाजों का मार्ग बदला गया। ग्रेटर तुंब द्वीप पर ईरानी तटीय रक्षा प्रणाली और क्रूज मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया।

 

तेल बाजार पर असर
लगातार चार दिनों की तेजी के बाद गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड: 84.95 डॉलर प्रति बैरल WTI क्रूड: 79.45 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया । हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही तो कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं।