बिजनेस डेस्कः प्रधानमंत्री जन धन योजना को शुरू हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। अब जिन खातों की शुरुआत 2014-15 में हुई थी, उनकी री-केवाईसी (KYC अपडेट) कराना अनिवार्य है। सरकार ने 30 सितंबर 2025 तक इसकी डेडलाइन तय की है। अगर आज तक री-केवाईसी नहीं की गई तो खाता निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) हो जाएगा, जिससे लेन-देन और सरकारी सब्सिडी दोनों रुक सकते हैं।
री-केवाईसी कैसे कराएं?
यह प्रक्रिया आसान और बिल्कुल मुफ्त है। खातेधारक अपने बैंक ब्रांच जाकर नाम, पता और फोटो जैसे दस्तावेज जमा कर सकते हैं। जुलाई से सितंबर तक सरकारी बैंक देशभर में ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप भी चला रहे हैं, जहां घर-घर जाकर यह सुविधा दी जा रही है। अब तक 1 लाख से ज्यादा पंचायतों में कैंप लगाए जा चुके हैं।
जन धन खातों का बढ़ता दायरा
2014-15 में खुले: 14.72 करोड़ खाते
2017 में बढ़कर: 28.17 करोड़
2019 में: 35.27 करोड़
2021 में: 42.20 करोड़
2023 में: 48.65 करोड़
2025 तक अनुमान: 56.16 करोड़ खाते
खास सुविधाएं
जन धन खाता जीरो बैलेंस पर खुलता है। इसके साथ खाताधारकों को रुपे कार्ड, ₹2 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर और ₹10,000 तक ओवरड्राफ्ट सुविधा मिलती है।











