Punjabi News

आप सरकार ड्रग माफिया का सफाया कर रही, कांग्रेस-भाजपा और अकाली तस्करों को बचा रही: हरपाल चीमा

456
हरपाल चीमा ने ड्रग डीलरों को संरक्षण देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी बोला तीखा हमला
यह पंजाब के युवाओं और उनके भविष्य को बचाने का आंदोलन है, हम ड्रग माफिया और उसके नेक्सस को खत्म करके रहेंगे: चीमा
यह ‘चाचा-भतीजा’ की सरकार नहीं है, यह आम आदमी पार्टी की सरकार है, हम नशे से पीड़ित परिवारों को हर हाल में न्याय दिलाएंगे: चीमा
चंडीगढ़:

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पर पंजाब में ड्रग माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि वे लोग तस्करों को बचाने में लगे हैं जबकि आप सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे युद्ध ने पूरे राज्य में एक लहर पैदा कर दी है जिसका ज़मीनी स्तर पर भी साफ असर दिखाई दे रहा है।

चीमा ने कहा कि ‘युद्ध नशे दे विरुद्ध’ अभियान सिर्फ़ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। आम आदमी से लेकर गाँव के सरपंच, पंच, विधायक और यहाँ तक कि मुख्यमंत्री तक, हर कोई नशे के खिलाफ इस युद्ध का हिस्सा बन गया है। आप सरकार ड्रग माफिया की कमर तोड़ रही है जिससे विपक्ष घबराया हुआ है। उन्होंने कहा, “जब भी हम सख्त कार्रवाई करते हैं, चाहे वह ड्रग तस्करों को गिरफ्तार करना हो या उनकी अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करना हो, विपक्ष का कोई न कोई व्यक्ति उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ता है।”

कैप्टन अमरिंदर सिंह के हालिया बयानों का हवाला देते हुए चीमा ने कहा, “उनकी टिप्पणियों से साफ़ ज़ाहिर होता है कि अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा तीनों ही ड्रग माफिया को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वे नहीं चाहते कि पंजाब से नशा खत्म हो। वे लोग इस मुद्दे का राजनीतिकरण जारी रखना चाहते हैं और नशे के कारोबार को ज़िंदा रखना चाहते हैं।”

चीमा ने पंजाब के लोगों को याद दिलाया कि इन्हीं पार्टियों ने 2017 के चुनावों से पहले बड़े-बड़े दावे किए थे। कैप्टन ने बड़ी-बड़ी बातें की, लेकिन कुछ नहीं किया। अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है। इन पार्टियों ने पिछले 25-30 सालों से पंजाब को लूटा और नशे के ज़रिए राज्य के युवाओं को बर्बादी की ओर धकेला।

उन्होंने आगे कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे हमारे युवाओं को बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान को नाकाम करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल सब एक जैसे हैं। वे भले ही अलग-अलग राजनीतिक खेमों में हैं, लेकिन उनका एजेंडा एक ही है और वह है – नशा, भ्रष्टाचार और माफिया को बढ़ावा देना।

चीमा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा मानवाधिकारों के नाम पर ड्रग माफियाओं को बचाने की कोशिशों की भी आलोचना की। उन्होंने पूछा, “जब भी हम कोई कार्रवाई करते हैं, कोई न कोई नेता मानवाधिकारों का हवाला देकर या कोई और बहाना बनाकर गड़बड़ी का रोना रोता है। लेकिन उन अनगिनत बहनों के मानवाधिकारों का क्या होगा जिन्होंने अपने पतियों को नशे के कारण खो दिया? उन माता-पिता के न्याय का क्या होगा जिन्होंने अपने बच्चों को नशे को नशे के कारण खो दिया?”

चीमा ने कहा, “2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुटका साहिब की कसम खाकर चार हफ़्तों के भीतर पंजाब से नशा खत्म करने की शपथ ली थी। उसके बाद कांग्रेस की सरकार बनी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बजाय हमने ‘चाचा-भतीजा’ सरकार का उदय देखा, जहां कैप्टन और अकाली नेता बिक्रम मजीठिया मिलीभगत से काम करते दिखे। यहां तक कि जब कांग्रेस ने अपना मुख्यमंत्री बदला, तब भी कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि पिछली सरकारें सिर्फ़ बयानबाज़ी करती थीं। ड्रग माफिया पर कार्रवाई करने की इच्छाशक्ति उनमें नहीं थी।”

कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा हाल ही में फेसबुक पर किए गए एक पोस्ट का हवाला देते हुए, जिसमें उन्होंने मजीठिया के खिलाफ आप सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाया था, चीमा ने कहा कि यह कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के बीच लंबे समय से चली आ रही सांठगांठ की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने मिलकर पंजाब में नशे का जाल बिछाया, युवाओं को फंसाया और राज्य की प्रतिष्ठा को धूमिल किया। आज भी उनके बयान, ट्वीट और वीडियो, सभी अप्रत्यक्ष रूप से ड्रग माफिया का बचाव कर रहे हैं। अब वे ड्रग तस्करों को बचाने के लिए एक अप्रत्यक्ष संयुक्त मोर्चा बना रहे हैं।

मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि आप का नशा विरोधी अभियान पूरी ताकत से जारी रहेगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जो भी इस अभियान के आड़े आएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने विपक्ष के राजनीतिक दुष्प्रचार के दावों को भी खारिज किया और कहा, “किसी के साथ कोई ज़बरदस्ती नहीं की जा रही है। हर कोई अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन पंजाब के लोग जानते हैं कि राज्य में ड्रग्स कब और कैसे आया। भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल सभी एक ही गठजोड़ का हिस्सा हैं। विधायक और सांसद बनने के बाद उनके नेता ड्रग्स फैलाकर आम लोगों के बच्चों की ज़िंदगी बर्बाद करते हैं।”

हरपाल चीमा ने ड्रग्स के खिलाफ आप सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा, “यह पंजाब के भविष्य की लड़ाई है। हम रुकेंगे नहीं क्योंकि लोग हमारे साथ हैं। ड्रग माफिया और उनके राजनीतिक संरक्षकों को अब बख्शा नहीं जाएगा।”