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मेरा सपना पंजाब को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाना है- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार के शिक्षा सुधारों ने पंजाब के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था, जो अब प्राथमिक शिक्षा में पहले नंबर पर पहुंच गया है। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने के सरकार के दृष्टिकोण की भी घोषणा की।

मोहाली में शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण, 118 ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’, 16,348 स्कूलों में वाई-फाई सुविधा, ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ और पी.टी.एम. के माध्यम से अभिभावकों की अधिक भागीदारी को इस बदलाव के मुख्य कारण बताया, जबकि 50 शिक्षकों को उनकी शानदार सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया।

एक्स पर कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज शिक्षक दिवस के अवसर पर मोहाली में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और शानदार सेवाएं निभाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। शिक्षा क्षेत्र को बुलंदियों पर ले जाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है। शिक्षकों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण, 118 ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की स्थापना और 16,348 स्कूलों में वाई-फाई सुविधा प्रदान करना इस दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ कार्यक्रम के माध्यम से हम विद्यार्थियों को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने के योग्य बना रहे हैं। आइए मिल-जुलकर पढ़ा-लिखा, कुशल और ‘रंगला पंजाब’ बनाएं। इंकलाब जिंदाबाद।”

मोहाली में राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा सपना पंजाब को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाना है। शिक्षा क्षेत्र में हमारी सरकार द्वारा उठाए गए क्रांतिकारी कदमों के कारण वह दिन दूर नहीं, जब दुनिया भर से शिक्षक प्रशिक्षण लेने के लिए पंजाब आएंगे।”

भारत के दूसरे राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और प्रख्यात विद्वान डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनके जन्मदिन पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने देश को ज्ञान, ईमानदारी और सेवा का संदेश दिया। उनका दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा मानवता के विकास का सबसे बड़ा साधन है। उनका जीवन अकादमिक उत्कृष्टता और नैतिक मूल्यों की नींव को दर्शाता है, जिसके कारण उनका जन्मदिन पूरे देश में शिक्षकों के प्रति सम्मान और गुरु-दक्षिणा प्रकट करने के दिन के रूप में मनाया जाता है।”

सम्मान समारोह के दौरान पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कुल 50 शिक्षकों (जिनमें 21 प्राथमिक और 29 माध्यमिक शिक्षक शामिल हैं) ने स्टेट अवॉर्ड प्राप्त किए, जबकि 10 शिक्षकों (4 प्राथमिक और 6 माध्यमिक) को ‘यंग टीचर अवॉर्ड’ मिले। 4 शिक्षकों को विशेष शिक्षक पुरस्कार, 6 को प्रशासनिक पुरस्कार और 5 पुरस्कार शिक्षा मंत्री द्वारा नामित शिक्षकों को दिए गए।

सभी अवॉर्ड विजेता शिक्षकों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आपकी कड़ी मेहनत, समर्पण और लगन पंजाब के सुनहरे भविष्य की नींव रख रही है। हमारी सरकार शिक्षा को केवल विभाग नहीं, बल्कि पंजाब के सामाजिक-आर्थिक बदलाव की यात्रा का महत्वपूर्ण स्तंभ मानती है।”

शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षा और स्कूलों के स्तर को सुधारने के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। हमारे शिक्षकों की कड़ी मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता के कारण पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है, जिस पर हर पंजाबी को बहुत गर्व है। मैं इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए विशेष रूप से हमारे शिक्षकों का धन्यवाद करता हूं और यह उम्मीद करता हूं कि आप भविष्य में भी अपने विद्यार्थियों के मन को ज्ञान की रोशनी से रोशन करते रहेंगे।”

शिक्षकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों को सिंगापुर में प्रशिक्षण दिया गया, 152 हेडमास्टरों को आई.आई.एम. अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिया गया और 144 प्राथमिक शिक्षकों ने फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी से विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने अपने शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया है ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे विश्व स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकें। शिक्षकों को विदेशों में प्रशिक्षण देने से सरकारी स्कूलों की शिक्षा प्रणाली में बदलाव आया है। हम अपने शिक्षकों और विद्यार्थियों को दुनिया में कहीं भी मुकाबला करने के लिए तैयार कर रहे हैं।”

‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ ने शिक्षा का स्तर ऊंचा किया है। हमने 88.67 करोड़ रुपये की लागत से 118 ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ को आधुनिक बुनियादी ढांचे से बदल दिया है। इन आधुनिक प्रोजेक्टों के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पंजाब का हर बच्चा दुनिया में कहीं भी मुकाबला करने के योग्य बने।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने स्कूल सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए 211.58 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। स्कूलों में साफ-सुथरा और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए 1,917 कैंपस मैनेजर, 1,316 सुरक्षा गार्ड, 7,113 सफाई कर्मचारी और 1,785 चौकीदार तैनात किए गए हैं।
उन्होंने कहा, “डिजिटल क्रांति के तहत हमने स्कूलों में 16,348 वाई-फाई कनेक्शन लगाए हैं। हम कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और शौचालयों को बेहतर बनाने के लिए 488.67 करोड़ रुपये भी खर्च कर रहे हैं। हमारे बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए ये सुविधाएं बहुत जरूरी हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने मुफ्त वर्दियों के लिए 47 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा है, जबकि स्कूलों में समय पर किताबें वितरित की गई हैं। छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा भी शुरू की गई है। पोषण योजना के तहत सरकारी स्कूलों के लगभग 16 लाख विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है।

‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ के माध्यम से हम अपने विद्यार्थियों को रोजगार मांगने वालों के बजाय रोजगार देने वाला बना रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत 1.83 लाख विद्यार्थियों को 10.32 करोड़ रुपये की ‘सीड मनी’ प्रदान की गई है ताकि वे अपने बिजनेस आइडिया पर काम कर सकें। हमारा उद्देश्य युवाओं को अपने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के योग्य बनाना है।”

व्यावसायिक शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पूरे पंजाब में 1,490 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के तहत 20 से अधिक ट्रेड पढ़ाए जा रहे हैं। ये पहल हमारे विद्यार्थियों को कौशल हासिल करने के योग्य बना रही हैं। ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ और व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार पैदा करने वाला बनाना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं एक शिक्षक का बेटा हूं और शिक्षकों को आने वाली मुश्किलों को अच्छी तरह समझता हूं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्कूल शिक्षा के मंदिर हैं और सरकारी स्कूलों में ‘पेरेंट-टीचर मीटिंग्स’ (पी.टी.एम.) शुरू होने से बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी काफी बढ़ी है। उन्होंने कहा, “पहले सरकारी स्कूलों में इस स्तर पर कभी भी शिक्षक-अभिभावक मिलनियां नहीं होती थीं, जहां शिक्षक और अभिभावक एक-दूसरे के साथ बातचीत कर सकें। पिछली पी.टी.एम. में 24 लाख से अधिक अभिभावक बैठक के लिए आए थे। यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि एक रिक्शा चलाने वाला भी पी.टी.एम. में शामिल होने और अपने बेटे की प्रगति के बारे में जानने आया था। यह दर्शाता है कि पंजाब सरकार शिक्षा प्रणाली के माध्यम से आम आदमी को कैसे सशक्त बना रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली बार 881 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. और नीट की परीक्षा पास की है, जिसे उन्होंने सरकारी स्कूल शिक्षा प्रणाली की बड़ी उपलब्धि बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैंने 2022 में शपथ ली थी तो पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था। आज पंजाब प्राथमिक शिक्षा में पहले नंबर पर पहुंच गया है, जिसने लंबे समय से इस स्थान पर काबिज केरल को भी पीछे छोड़ दिया है। यह बदलाव शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक कार्यों के कारण ही संभव हुआ है।”

उन्होंने कहा कि आम लोगों की भलाई के लिए उनकी सरकार के अथक प्रयास आने वाले समय में भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा, “हम शिक्षा को महज एक विभाग नहीं बल्कि पंजाब के बदलाव का मुख्य धुरा मानते हैं। हम अपने स्कूलों को मजबूत करना, शिक्षकों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण देना और अपने बच्चों के लिए बेहतर अवसर पैदा करना जारी रखेंगे। शिक्षक और सरकार मिलकर पढ़ा-लिखा, कुशल और खुशहाल ‘रंगला पंजाब’ बनाएंगे।”

इस दौरान, शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने समस्त गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह के महत्व का उल्लेख किया।

इस अवसर पर हलका विधायक कुलवंत सिंह, शिक्षा सचिव सोनाली गिरि और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।