- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को पीटे जाने पर मुख्यमंत्री सैनी को देना होगा जवाब: वडिंग
- दोनों सिख युवकों की तत्काल रिहाई की मांग
चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बीती रात अंबाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सिख प्रदर्शनकारियों पर हरियाणा पुलिस द्वारा की गई बर्बरता की कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारी दो सिख युवकों की रिहाई और उस आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे, जिसने अपनी कार से लोगों को टक्कर मारी थी।
आज यहां जारी एक बयान में राजा वडिंग ने कहा कि अंबाला में लोग शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे और हरियाणा पुलिस द्वारा कथित तौर पर मनमाने ढंग से गिरफ्तार किए गए दो सिख युवकों की रिहाई की मांग कर रहे थे।
पीसीसी अध्यक्ष ने पूरे मामले पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इस घटना को लेकर सिखों और पंजाबियों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सैनी अक्सर पंजाब आते हैं, जहां सिख भावना और पंजाबी परंपरा के अनुरूप उनका गर्मजोशी से स्वागत किया जाता है।
राजा वडिंग ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को आगाह करते हुए कहा, “इन घटनाओं के खिलाफ आज जो लोग आपके सामने प्रदर्शन कर रहे हैं, वही लोग पंजाब में आपका गर्मजोशी से स्वागत करते रहे हैं। इसलिए उनके साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने कहा कि पूरे मामले में कथित तौर पर मुख्य रूप से उकसावे की भूमिका निभाने वाला व्यक्ति लुधियाना से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति विवादित और भड़काऊ बयान देकर सरकारी सुरक्षा हासिल करने की कोशिश करता रहा है। वडिंग ने कहा कि ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना राज्य की शांति और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
पीसीसी अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि हरियाणा सरकार बेहतर समझदारी का परिचय देगी और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करना बंद करेगी।
उन्होंने हरियाणा सरकार से दोनों सिख युवकों को तत्काल रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।















