- पंजाब अब स्कूल शिक्षा में भारत का अग्रणी राज्य तथा पहली से बारहवीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला पहला राज्य: हरजोत सिंह बैंस
- अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बहस से भागा विपक्ष, पंजाब को बदनाम करने के लिए की जा रही है संकीर्ण राजनीति: हरजोत सिंह बैंस
- पंजाब पुलिस ने हरियाणा के प्रौद्योगिकी-आधारित नकल सिंडिकेट का किया पर्दाफाश; पिछले साढ़े चार वर्षों में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ: हरजोत सिंह बैंस
- पंजाब के सरकारी स्कूलों ने शिक्षा क्रांति के तहत दर्ज किए रिकॉर्ड परिणाम, 882 विद्यार्थियों ने पास की नीट-यूजी 2026: हरजोत सिंह बैंस
चंडीगढ़, 3 अगस्त: देशभर में बार-बार हो रहे पेपर लीक तथा प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ हो रहे क्रूर व्यवहार को लेकर पंजाब विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज कहा कि विपक्ष बहस से भाग रहा है क्योंकि उसके पास मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में लाए गए सकारात्मक बदलावों का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठे बयानों के माध्यम से पंजाब को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है, जबकि तथ्य बिल्कुल अलग कहानी बयां करते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भारत का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। पहली से बारहवीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला यह देश का पहला राज्य बन गया है। शिक्षा क्रांति के तहत सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट-यूजी 2026 उत्तीर्ण की है तथा पिछले साढ़े चार वर्षों में एक भी पेपर लीक न होने का रिकॉर्ड कायम रखा गया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “पंजाब बदल रहा है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उसकी पहचान बन रही है।”
विधानसभा में संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वह विपक्ष द्वारा उठाए गए प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए सदन में मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा, “मैं कानून का विद्यार्थी रहा हूं। मैं प्राकृतिक न्याय के उस सार्वभौमिक सिद्धांत को समझता हूं कि सबसे खराब व्यवस्था में भी किसी को सुने बिना दंड नहीं दिया जाता। सवाल उठाना बहुत आसान है। मैं यहां विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए खड़ा हूं।”
इस रैकेट के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित फार्मेसी परीक्षा में नकल कराने के लिए हरियाणा आधारित नकल सिंडिकेट ने आधुनिक मोबाइल फोन, छिपे हुए वायरलेस ईयरपीस तथा अन्य उन्नत उपकरणों का उपयोग किया। उन्होंने कहा, “यह पेपर लीक नहीं था। यह प्रौद्योगिकी आधारित नकल का मामला था, जिसका पंजाब पुलिस ने भंडाफोड़ किया। वर्षों तक हरियाणा सरकार आंखें मूंदे रही, जबकि यह सिंडिकेट हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करता रहा।”
उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सलाह दी कि वे राजनीतिक एजेंडा तय करने के लिए पंजाब आने से पहले अपने राज्य की स्थिति पर ध्यान दें।
पंजाब की ज्ञान, जज्बे और बलिदान की समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ऋग्वेद से लेकर तक्षशिला स्थित विश्व के प्रथम विश्वविद्यालय तक पंजाब सदैव शिक्षा की उर्वर भूमि रहा है। उन्होंने कहा, “महाराजा रणजीत सिंह के दरबार से लेकर श्री गुरु नानक देव जी और श्री गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाओं तक हमने दुनिया को समानता और शिक्षा का संदेश दिया है। शहीद भगत सिंह, जिन्होंने हमें तानाशाही के विरुद्ध आवाज उठाना सिखाया, नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. हरगोबिंद खुराना, फाइबर ऑप्टिक्स के जनक डॉ. नरेंद्र सिंह कपानी तथा सेमीकंडक्टर मेमोरी में क्रांति लाने वाले डॉ. गुरतेज सिंह संधू—ये सभी इसी धरती की महान विभूतियां हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह पंजाब की धरती है। यह हमारी विरासत है। यह हमारा गौरव है। हम किसी को भी इसे बदनाम करने, इसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने या विकास की राह से भटकाने नहीं देंगे।”
शिक्षा क्रांति पहल के अंतर्गत पंजाब सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों ने शैक्षणिक परिणामों में नए मानदंड स्थापित किए हैं।
उन्होंने सदन को बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के कुल 882 विद्यार्थियों ने नीट-यूजी 2026 उत्तीर्ण की है। वर्ष 2024 में यह संख्या 437 थी, जो 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि को दर्शाती है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली उपलब्धि का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था, लेकिन अब नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
उन्होंने सदन को बताया कि पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने पहली से बारहवीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में लागू किया है। इस पहल के तहत राज्य के 25,172 स्कूल तथा लगभग 31.5 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इस विषय का पाठ्यक्रम सिंगापुर, फिनलैंड, संयुक्त अरब अमीरात तथा संयुक्त राज्य अमेरिका की सर्वोत्तम शिक्षा प्रणालियों का अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है।
शिक्षा में सरकार के निवेश की जानकारी देते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा बजट को वर्ष 2021-22 में 12,657 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 52 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार ने 3,500 करोड़ रुपये की लागत से शिक्षा क्रांति 2.0 मिशन भी शुरू किया है तथा 118 अत्याधुनिक स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए हैं। पंजाब बदल रहा है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उसकी पहचान बन रही है।”
पेपर लीक का विरोध कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में बोलते हुए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जंतर-मंतर आंदोलन को “नीति परिवर्तन के लिए जेन-ज़ी का आंदोलन” बताया तथा प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रविरोधी कहने वालों की कड़ी आलोचना की।
प्रदर्शन स्थल पर अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि वे देश के एकमात्र शिक्षा मंत्री थे जो विद्यार्थियों के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा, “मैं किसी मंच से नहीं बोला। मैं विद्यार्थियों के बीच बैठा था। लाठीचार्ज के दौरान भी मैं उनके साथ खड़ा रहा। क्योंकि मैंने तब भी कहा था और आज भी कहता हूं कि यह राजनीति का नहीं बल्कि नीति का प्रश्न है।”
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और पंजाब के विद्यार्थी अपने बैकपैक लेकर दिल्ली पहुंचे थे, जिनमें से अनेक को फुटपाथों पर रात बितानी पड़ी। उन्होंने कहा, “ये विद्यार्थी राष्ट्रविरोधी नहीं थे। लेकिन हमारे देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि जो भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता है, उसे राष्ट्रविरोधी घोषित कर दिया जाता है। इन विद्यार्थियों ने उस झूठ को बदल दिया है। अब उन्हें पेपर लीक और झूठ के जरिए मूर्ख नहीं बनाया जा सकता।”
भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को संदेश देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब समय लोगों से माफी की अपेक्षा करने का नहीं, बल्कि लोगों से माफी मांगने का है। उन्होंने कहा, “जब किसी ग्राहक को सेवा नहीं मिलती तो वह अपनी नाराजगी व्यक्त करता है। जब किसी नागरिक को सरकार से सेवा नहीं मिलती तो वह विरोध करता है। यह माफ करने का नहीं, बल्कि माफी मांगने का समय है।

















