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लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल पास: राहुल बोले- प्रधान का इस्तीफा केवल दिखावा, देश का भविष्य सड़कों पर उतरा…

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Paper Leak Amendment Bill passed : लोकसभा में आज गर्मा-गर्मी का माहौल रहा. वहीं लंबी बहस और विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 बुधवार को पास हो गया।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिल पर 50 मिनट स्पीच दी। उन्होंने इडियट और अंधभक्त जैसे शब्द बोले। फिर कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए। इसको लेकर सत्तापक्ष ने जमकर हंगामा किया।

राहुल गांधी ने कहा, “देश का भविष्य सड़कों पर उतरा। प्रदर्शन में गुस्सा, नफरत नहीं थी। वे केवल अपनी आवाज उठा रहे थे। अगर भाजपा के मेरे मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में वे क्या सोचते हैं, तो उन्हें अपने बच्चों का भी समर्थन ही मिलेगा।’ ”

उन्होंने कहा, “देश के युवाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। वे हमारे देश का भविष्य हैं। छात्र समझते हैं कि दुनिया बदल रही है। युवा खुले दिल और खुले विचारों वाले होते हैं। देश को उन पर गर्व है।”

राहुल गांधी ने कहा, ‘मैंने कई छात्रों से बातचीत की। खासकर लवली नाम की एक 18 साल की छात्रा से। राहुल ने उसी बातचीत का हवाला देते हुए ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ वाले उदाहरण दिए। सत्ता पक्ष ने इसे असंसदीय बताया। स्पीकर ओम बिड़ला ने इन शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया।

राहुल ने कहा कि एक के बाद एक परीक्षाओं में पेपर लीक हो रहे हैं, छात्रों से लाखों रुपए लिए जा रहे हैं और सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं कर पा रही है।

राहुल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृहमंत्री ने गोली और पैलेट गन चलाने की अनुमति दी। किरेन रिजिजू ने इसे गंभीर और निराधार आरोप बताते हुए राहुल से माफी की मांग की।

राहुल बोले- प्रधान का इस्तीफा केवल दिखावा

राहुल ने कहा कि पेपर लीक से छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था शिक्षा मंत्रालय नहीं, बल्कि RSS चला रहा है और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल दिखावा है।

 

लोकसभा में अपने भाषण के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में कहा- गृह मंत्री शाह सदन में नहीं आए, जबकि उन्हें छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब देना चाहिए था।

राहुल ने कहा- अगर गृह मंत्री ने कोई आदेश नहीं दिया है, तो उन्हें सदन में आकर साफ देनी चाहिए कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि मुझे संसद में बोलने का अधिकार है और वह अधिकार मुझे मिलना चाहिए।

यह चर्चा का लगातार दूसरा दिन है। मंगलवार को इस बिल पर नौ घंटे तक बहस हुई थी। पहले दिन, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने सरकार का पक्ष रखा। विपक्ष की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने बहस में हिस्सा लिया।