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गैंगस्टरां ते वार का 235वां दिन: पंजाब पुलिस ने 603 ठिकानों पर छापेमारी कर 325 लोगों को किया काबू

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— पुलिस टीमों ने 207 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की

— लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में कर सकते हैं सूचना साझा

— युद्ध के 560वें दिन 7.4 किलोग्राम हेरोइन सहित 177 नशा तस्कर काबू

चंडीगढ़: राज्य में चलाए जा रहे अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ के 235वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के रूप में चिन्हित और मैप किए गए 603 ठिकानों पर छापेमारी की।

उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’— पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक जंग अभियान की शुरुआत 20 जनवरी, 2026 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष अभियान चला रही हैं।

अभियान के 235वें दिन पुलिस टीमों ने दो हथियारों सहित 325 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस अभियान की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या 70,028 हो गई है।

इसके अलावा, पुलिस टीमों ने 207 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने 10 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया।

पंजाब पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा अपराध तथा आपराधिक गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी इस हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस के साथ साझा की जा सकती है।

इस बीच, पंजाब पुलिस ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ‘युद्ध नशों विरूद्ध ’ को 560वें दिन भी जारी रखते हुए आज 177 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 7.4 किलोग्राम हेरोइन, 101 किलोग्राम भुक्की, 1,192 नशीली गोलियां तथा 5,550 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।
इसके साथ ही, पिछले 560 दिनों के दौरान गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या 77,836 तक पहुंच गई है।
नशामुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस द्वारा नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार और पुनर्वास के लिए प्रेरित करने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। इसी कड़ी में आज पुलिस ने 19 व्यक्तियों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास उपचार करवाने के लिए राजी किया।