
Maharashtra Driving Licence Rule: महाराष्ट्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के नियमों में बदलाव करने जा रही है। नए नियम के तहत राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले लोगों को अब डोमिसाइल सर्टिफिकेट यानी मूल निवासी प्रमाण पत्र देना पड़ सकता है। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने मंगलवार को विधानसभा में इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने विधायक दिलीप लांडे के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि यह नियम 1 अगस्त 2026 से पूरे महाराष्ट्र में लागू करने की तैयारी है।
सरनाइक ने विधानसभा में क्या जानकारी दी
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट जरूरी करने से जुड़ा नियम तैयार कर लिया गया है। इसका ड्राफ्ट जांच के लिए कानून और न्याय विभाग को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह नियम तभी लागू होगा जब इसे संबंधित विभागों से मंजूरी मिल जाएगी। मंत्री ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाना है। हालांकि, उन्होंने अभी यह साफ नहीं किया कि डोमिसाइल साबित करने के लिए आवेदकों को कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे।
महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी पर भी सरकार की नजर
विधानसभा में परिवहन मंत्री ने ऐप के जरिए चलने वाली बाइक टैक्सी सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गैर-कानूनी तरीके से चल रही बाइक टैक्सी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सरकार इस सेक्टर को कानूनी रूप देने के लिए एक नियमों का ढांचा तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य राज्य को राजस्व देना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और बाइक टैक्सी सेवा को सरकारी निगरानी में लाना है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, बाइक टैक्सी ऑपरेटरों को सरकार को रोजाना 5 रुपये की फीस देनी होगी। इसके अलावा हर यात्रा से मिलने वाले 2 रुपये ड्राइवरों के कल्याण फंड में जमा किए जाएंगे।
सरनाइक ने कहा कि बिना अनुमति निजी दोपहिया वाहनों से यात्रियों को ले जाना नियमों के खिलाफ है। हालांकि, राज्य परिवहन प्राधिकरण ने कुछ एग्रीगेटर कंपनियों को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में काम करने के लिए 30 दिन का अस्थायी लाइसेंस दिया था। इन कंपनियों में Uber इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, Rapido (रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड) और Ola (एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड) शामिल हैं। यह लाइसेंस इस शर्त पर दिया गया था कि कंपनियां एक महीने के अंदर सभी जरूरी नियमों को पूरा करेंगी।
महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए नियम
परिवहन मंत्री ने बताया कि ‘महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम, 2025’ में महिलाओं, छात्रों और नाबालिग यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान रखे गए हैं। इन नियमों के तहत बाइक टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों के पास मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी होगा। इसके अलावा उनके पास महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत जारी पब्लिक सर्विस व्हीकल बैज भी होना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह बैज जारी करने से पहले ड्राइवर का पुलिस द्वारा चरित्र सत्यापन कराया जाएगा। सरनाइक ने कहा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले और बिना अनुमति वाहन चलाने वालों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अब तक की गई कार्रवाई के आंकड़े
परिवहन मंत्री के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में अवैध तरीके से चल रहे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच परिवहन विभाग ने बिना वैध परमिट के चल रहे 814 वाहनों की पहचान की। इनमें से 151 वाहनों को जब्त किया गया, 14 एफआईआर दर्ज की गईं और कुल 16.25 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा अप्रैल और मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, इन दो महीनों में 211 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें से 66 वाहन जब्त किए गए और 2.31 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इन दो महीनों के दौरान किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई।









