नेशनल डेस्क: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू क्षेत्र में स्थित एक गुरुद्वारे में निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति बन गई। मामला उस समय बढ़ गया जब कुछ निहंग श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर कब्जा कर लिया और एक अन्य श्रद्धालु को अपने साथ रोक लिया। पुलिस और प्रशासन के अनुसार, शनिवार शाम से लगभग छह निहंग श्रद्धालु गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि वे वहीं डटे हुए हैं और नीचे आने से इनकार कर रहे हैं। घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन लगातार स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, निहंग समूह की मांग है कि कुछ दिन पहले चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुई एक झड़प के बाद जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उन्हें रिहा किया जाए। इसी मांग को लेकर तनाव बढ़ा और मामला गुरुद्वारे तक पहुंच गया। पुलिस का कहना है कि निहंग श्रद्धालु हथियारों से लैस हैं, जिनमें तलवार, भाला, कुल्हाड़ी और कृपाण शामिल हैं। इसी कारण स्थिति को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
बताया गया है कि यह विवाद उस घटना से जुड़ा है जो 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में हुई थी, जहां वाहन पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों और कुछ सिख श्रद्धालुओं के बीच झड़प हुई थी। इस घटना में चार लोग घायल हुए थे, जिसके बाद कुछ श्रद्धालुओं को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद कुछ निहंग श्रद्धालु नगरासू स्थित गुरुद्वारे पहुंचे और वहां मौजूद प्रबंधन से प्रदर्शन के लिए कमरों की व्यवस्था की मांग करने लगे। गुरुद्वारा संचालकों ने बताया कि उनके पास इतनी बड़ी संख्या में कमरों की व्यवस्था संभव नहीं थी, जिससे तनाव और बढ़ गया।
स्थिति बिगड़ने के बाद निहंग समूह ने कथित तौर पर एक श्रद्धालु को अपने साथ रोक लिया और तीसरी मंजिल पर जाकर खुद को बंद कर लिया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि यदि कार्रवाई की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
प्रशासनिक अधिकारियों, जिनमें गढ़वाल आयुक्त और जिला स्तर के अधिकारी शामिल हैं, मौके पर पहुंचकर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों से बातचीत जारी है और शांति बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। गुरुद्वारा प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है और प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित समाधान का आश्वासन भी दिया है। पुलिस का प्रयास है कि बिना किसी बल प्रयोग के स्थिति को सामान्य किया जाए।

















