Dubai Property Market: दुबई के रियल एस्टेट बाजार में भारतीय निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है, लेकिन निवेश का तरीका अब पहले जैसा नहीं रहा। हाल के महीनों में वैश्विक अनिश्चितताओं और बदलते आर्थिक माहौल के कारण भारतीय खरीदार अब बड़े और महंगे प्रॉपर्टी सौदों की बजाय छोटे और सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि दुबई में भारतीय खरीदारों की पूछताछ अभी भी पहले के मुकाबले कम है। हालांकि बाजार में धीरे-धीरे सकारात्मक माहौल लौट रहा है, लेकिन निवेशक अभी पूरी तरह से भरोसे के साथ बड़े फैसले लेने के मूड में नहीं हैं।
Rental Income बनी पहली पसंद
पहले जहां भारतीय निवेशक 20 लाख दिरहम (AED 2 Million) या उससे अधिक कीमत वाली प्रॉपर्टी खरीदने में रुचि दिखाते थे, वहीं अब ज्यादातर खरीदार 12 से 15 लाख दिरहम (AED 1.2-1.5 Million) के बजट में निवेश करना पसंद कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण कम जोखिम लेना और बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करना माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय निवेशकों का फोकस अब लग्जरी विला, पेंटहाउस और बड़े अपार्टमेंट्स से हटकर स्टूडियो, 1BHK और 2BHK जैसी छोटी और किराये पर आसानी से उपलब्ध होने वाली प्रॉपर्टीज पर आ गया है। निवेशक ऐसी संपत्तियां तलाश रहे हैं जिनसे नियमित किराये की आय मिल सके और भविष्य में बेचने पर भी अच्छा रिटर्न प्राप्त हो।
दुबई की प्रॉपर्टी मार्केट में भारतीय खरीदार लंबे समय से सबसे सक्रिय विदेशी निवेशकों में शामिल रहे हैं। पिछले वर्ष कुल प्रॉपर्टी लेन-देन में भारतीयों की हिस्सेदारी करीब 23 प्रतिशत बताई गई थी। बेहतर किराया रिटर्न और टैक्स लाभों के कारण दुबई भारतीय निवेशकों की पसंदीदा डेस्टिनेशन बनी हुई है।
हालांकि अब निवेशकों के सामने एक नया विकल्प भी उभर रहा है। एनआरआई निवेशकों को विदेशी मुद्रा जमा योजनाओं (FCNR Deposits) में आकर्षक ब्याज दरें मिल रही हैं, जो अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश मानी जाती हैं। ऐसे में कुछ निवेशक दुबई रियल एस्टेट की बजाय बैंकिंग निवेश को भी प्राथमिकता दे सकते हैं।
रियल एस्टेट सलाहकारों का मानना है कि निवेशक अब पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। वे प्रॉपर्टी खरीदने से पहले डेवलपर की विश्वसनीयता, मेंटेनेंस खर्च, किराये की मांग और भविष्य में एग्जिट विकल्प जैसे पहलुओं पर गहराई से विचार कर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, दुबई में किराया रिटर्न आने वाले समय में थोड़ा कम हो सकता है। जहां कुछ साल पहले 7 से 9 प्रतिशत तक रिटर्न मिल रहा था, वहीं अगले वर्षों में यह औसतन 5.5 से 7 प्रतिशत के बीच रह सकता है।
फिलहाल दुबई के प्रॉपर्टी बाजार में रुचि बनी हुई है, लेकिन भारतीय निवेशक अब जल्दबाजी की बजाय सोच-समझकर और सीमित पूंजी के साथ निवेश कर रहे हैं। यही कारण है कि छोटे और किफायती प्रॉपर्टी सेगमेंट में मांग बढ़ती दिखाई दे रही है।














