International Desk: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई इस समय एक गुप्त और सुरक्षित स्थान पर छिपे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनका बाहरी दुनिया से लगभग पूरा संपर्क कट चुका है और उनसे केवल खास संदेशवाहकों यानी मैसेंजर नेटवर्क के जरिए ही संपर्क किया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यही वजह है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते में लगातार देरी हो रही है। ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत करने के लिए अधिकृत ईरानी अधिकारी भी अपने ही सरकारी सिस्टम के भीतर संवाद करने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जब भी अमेरिका की ओर से कोई प्रस्ताव भेजा जाता है, तो वह सीधे सर्वोच्च नेता तक नहीं पहुंच पाता। संदेश कई स्तरों और गुप्त चैनलों से गुजरता है, जिसके कारण अंतिम जवाब आने में काफी समय लग जाता है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा है कि युद्ध के दौरान अमेरिका और इजराइल ने ईरानी सरकारी ढांचे के भीतर से जानकारी जुटाकर कई वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया था। इसी डर के कारण अब ईरान के कई बड़े नेता बेहद सुरक्षित बंकरों में रह रहे हैं और बहुत जरूरी होने पर ही आपस में बातचीत कर रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मौजूदा हालात में ईरानी नेतृत्व बेहद सतर्क है और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक संचार पर भरोसा नहीं कर रहा। यही कारण है कि सरकार का संचालन पारंपरिक संदेशवाहक नेटवर्क के जरिए किया जा रहा है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने, प्रतिबंधों में राहत और परमाणु कार्यक्रम को लेकर संभावित समझौते की चर्चाएं तेज हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपदोनों संकेत दे चुके हैं कि जल्द कोई बड़ा ऐलान हो सकता है।















