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अमेरिका-ईरान युद्ध से इस ‘छुटकू’ देश की चांदी, एक टैंकर पर ₹37 करोड़ तक की कमाई, लगातार सरकार की हो रही तगड़ी कमाई

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Panama Canal: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर जहां पूरी दुनिया झेल रही है चाहे वह ऊर्जा हो या Crude Oil बड़े से बड़े देश इस संकट से जूझ रहे लेकिन इस सब के बीच एक छोटे से देश की मौज लग गई है। हम बात कर रहे है Panama की….

बता दें कि युद्ध संकट के बीच कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम समुद्री रास्ते पर संकट के कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इस हालात में शिपिंग कंपनियां वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रही हैं और इसी वजह से अब पनामा नहर (Panama Canal) पर भारी दबाव बढ़ गया है।

पनामा नहर पर बढ़ी भीड़ और कमाई
होर्मुज स्ट्रेट में बाधा के चलते कई तेल और कार्गो जहाज अब पनामा नहर का रास्ता अपना रहे हैं। इस वजह से यहां जहाजों की लंबी वेटिंग लिस्ट बन गई है और ट्रैफिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति इतनी बढ़ गई है कि अब नहर से जल्दी गुजरने के लिए ऑक्शन सिस्टम यानी बोली लगाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जिस shipping company की बोली ज्यादा होती है, उसे पहले रास्ता मिलता है।

4 मिलियन डॉलर तक की बोली
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक जहाज को प्राथमिकता से निकालने के लिए कंपनियां करीब 4 मिलियन डॉलर (लगभग 37 करोड़ रुपये से ज्यादा) तक खर्च कर रही हैं। सामान्य तौर पर पनामा नहर से गुजरने का खर्च करीब 3 से 4 लाख डॉलर होता है, लेकिन इस समय तेजी से ट्रैफिक निकालने के लिए अतिरिक्त रकम भी देनी पड़ रही है।
ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर
एक्सपर्ट के अनुसार, middile east में तनाव और समुद्री रूट्स की अनिश्चितता ने पूरी Global Supply चेन को प्रभावित किया है। शिपिंग कंपनियां सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पनामा नहर को ज्यादा सुरक्षित Option मान रही हैं। हालांकि इससे न केवल लागत बढ़ रही है बल्कि दुनिया भर में सामान की डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट भी महंगा और धीमा हो रहा है।

पनामा सरकार की बढ़ी कमाई
पनामा नहर अथॉरिटी के अनुसार, बढ़ती मांग और ऑक्शन सिस्टम की वजह से सरकार की कमाई में भारी उछाल आया है। जहाजों की भीड़ और तेज ट्रैफिक के चलते नहर अब पहले से कहीं ज्यादा लाभदायक बन गई है। एनालिस्ट रोड्रिगो नोरिएगा का कहना है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच पनामा एक छोटे देश के रूप में भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इससे उसकी आय तेजी से बढ़ रही है।