नेशनल डेस्क: आज भी छोटे शहरों और कस्बों में लोग डिजिटल पेमेंट के बजाय कैश को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में अकाउंट होल्डर्स के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर अचानक कैश की जरूरत पड़ जाए, तो बैंक से महीने में कितनी बार पैसा निकाला जा सकता है। असल में, हर बैंक अपने ग्राहकों के लिए कैश निकासी की लिमिट तय करता है। कई बैंक कुछ ट्रांजैक्शन फ्री में देते हैं, इसके बाद हर बार कैश निकालने पर चार्ज लगता है।
सरकारी और प्राइवेट बैंक की लिमिटें
अगर आपका अकाउंट किसी सरकारी बैंक जैसे SBI, PNB या बैंक ऑफ बड़ौदा में है, तो आम तौर पर आपको महीने में 3 से 5 बार तक फ्री कैश निकासी की सुविधा मिलती है। इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर 10 से 20 रुपये तक का चार्ज लग सकता है। यह नियम ATM और बैंक ब्रांच दोनों पर लागू होता है। वहीं, प्राइवेट बैंक जैसे HDFC, ICICI और Axis Bank आमतौर पर अपने ग्राहकों को महीने में 5 बार तक फ्री निकासी की सुविधा देते हैं।
ATM या ब्रांच, लोकेशन के हिसाब से अलग नियम
अगर आप अपने बैंक के ATM से पैसा निकालते हैं, तो लिमिट थोड़ी ज्यादा होती है। लेकिन दूसरे बैंक के ATM से निकासी पर जल्दी चार्ज लगना शुरू हो जाता है। शहर और गांव के हिसाब से भी नियम बदलते हैं।
महानगरों में ATM ट्रांजैक्शन की लिमिट कम होती है। ग्रामीण इलाकों में बैंकों ने ग्राहकों को ज्यादा छूट दी है ताकि उन्हें हर बार शहर जाकर कैश निकालना न पड़े। सिर्फ ATM ही नहीं, बल्कि बैंक की काउंटर से पैसा निकालने की लिमिट भी तय होती है। कुछ बैंक महीने में 3 बार तक फ्री काउंटर निकासी की अनुमति देते हैं। इसके बाद सर्विस चार्ज बैंक की नीति के अनुसार लागू होता है।















