नेशनल डेस्क: हाल ही में अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट ने भारत में सुर्खियां बटोरीं, जिसमें कहा गया कि LIC ने अडानी ग्रुप में 3.9 अरब डॉलर (करीब 33,000 करोड़ रुपये) का निवेश करके समूह को फायदा पहुँचाया। इस रिपोर्ट के सामने आते ही देश में राजनीतिक बहस शुरू हो गई और विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, LIC ने इस रिपोर्ट को भ्रामक और वास्तविकता से दूर बताया। कंपनी का कहना है कि यह रिपोर्ट LIC की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने और भारत के वित्तीय क्षेत्र की छवि खराब करने के उद्देश्य से जारी की गई।
LIC का अडानी ग्रुप में निवेश: वास्तविक तस्वीर
सितंबर 2025 के अनुसार LIC का अडानी ग्रुप में निवेश इस प्रकार है:
अडानी पोर्ट्स: 7.73% (पहले 8.14%)
अडानी एंटरप्राइजेज: 4.16%
अडानी ग्रीन एनर्जी: 1.3%
अडानी एनर्जी सॉल्यूशन: 3.42%
अडानी टोटल गैस: 6%
LIC का कुल इक्विटी निवेश लगभग 16 लाख करोड़ रुपये है, जबकि अडानी ग्रुप में इसका निवेश करीब 60,000 करोड़ रुपये यानी कुल पोर्टफोलियो का लगभग 4% है। इसके अलावा LIC ने अडानी समूह से कहीं अधिक निवेश अन्य प्रमुख कंपनियों में किया है।
LIC का टॉप निवेश: अडानी नहीं, बड़ी कंपनियां
LIC के शीर्ष 5 निवेश इस प्रकार हैं:
Reliance Industries: 1.38 लाख करोड़ रुपये (6.94% हिस्सेदारी)
ITC Ltd: 82,342 करोड़ रुपये (15.86% हिस्सेदारी)
HDFC Bank Ltd: 72,500 करोड़ रुपये (5.45% हिस्सेदारी)
SBI: 68,000 करोड़ रुपये (9.59% हिस्सेदारी)
Larsen & Toubro (L&T): 66,053 करोड़ रुपये (13% हिस्सेदारी)
इसके अलावा Infosys Ltd में LIC का निवेश लगभग 63,400 करोड़ रुपये है।
स्पष्ट है कि अडानी ग्रुप LIC के शीर्ष निवेश में शामिल नहीं है। हालांकि, समूह में निवेश महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन कुल पोर्टफोलियो में इसका हिस्सा सीमित है। LIC का इक्विटी पोर्टफोलियो करीब 300 कंपनियों में फैला हुआ है, जहां वह कम-से-कम 1% हिस्सेदारी रखती है।
LIC और अडानी ग्रुप का बयान
LIC ने कहा कि अडानी समूह में निवेश दूसरे बड़े समूहों की तुलना में कम है और यह सिर्फ पोर्टफोलियो विविधीकरण का हिस्सा है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि सभी निवेश निर्णय बोर्ड द्वारा लिए जाते हैं और नियामक दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है, जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं। फोर्ब्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ 6.22 लाख करोड़ रुपये है, और वे दुनिया में 27वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। अडानी समूह का साम्राज्य कोल ट्रेडिंग, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स, पावर जेनरेशन, सीमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन तक फैला हुआ है।



















