
London: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने उन हजारों महिलाओं से औपचारिक माफी मांगी है, जिन्हें कई दशकों तक अविवाहित होने के कारण अपने नवजात बच्चों को गोद देने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को ब्रिटेन के इतिहास पर “एक दाग” बताया। संसद में संबोधन के दौरान स्टार्मर ने कहा कि सरकार को इस ऐतिहासिक अन्याय पर गहरा अफसोस है। उन्होंने कहा कि कई महिलाओं को डराया-धमकाया गया, गुमराह किया गया या उन पर इतना दबाव डाला गया कि उनके पास अपने बच्चों से अलग होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1949 से 1976 के बीच इंग्लैंड और वेल्स में लगभग 1.85 लाख बच्चों को गोद दिया गया।
अभियान चलाने वाले संगठनों का कहना है कि इनमें बड़ी संख्या उन बच्चों की थी, जिन्हें उनकी अविवाहित माताओं से उनकी इच्छा के विरुद्ध अलग कराया गया था।स्टार्मर ने प्रभावित महिलाओं और उनके परिवारों से कहा, “हम प्रभावित हर व्यक्ति से दिल से माफी मांगते हैं।” उन्होंने माना कि इस नीति ने हजारों परिवारों को गहरा मानसिक और भावनात्मक आघात पहुंचाया, जिसका असर आज भी महसूस किया जाता है। इस मुद्दे पर वर्षों से पीड़ित महिलाओं और सामाजिक संगठनों की ओर से न्याय और सरकारी माफी की मांग की जा रही थी। अब सरकार की यह औपचारिक माफी उन महिलाओं के संघर्ष की महत्वपूर्ण स्वीकारोक्ति मानी जा रही है।












