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नेपाल बाढ़ की एक और भयावह तस्वीर आई सामने, एक ही घर में मिले 23 शव, बचने के लिए ऊपरी मंज़िलों की भागे थे लोग

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नेपाल में 26 अगस्त को आए भयानक अचानक बाढ़ (flash flood) के बाद हज़ारों लापता लोगों को खोजने के लिए सर्च और रेस्क्यू टीमें तेज़ी से काम कर रही हैं; इस घटना में मरने वालों की संख्या अब एक हज़ार के करीब पहुँच गई है। नुवाकोट में बाढ़ के मलबे में दबे एक ही घर से 23 शव मिलने के बाद इस आपदा की भयावहता एक बार फिर सामने आई है।

मरने वालों की संख्या बढ़कर 939 हो गई है, जबकि 4,000 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता हैं। सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में से एक, नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका के बेत्रावती गाँव में, उफनती भोटेकोशी नदी के साथ आए मलबे ने तीन मंज़िला घर को अपनी चपेट में ले लिया। एक कमरे के अंदर 21 शव और घर के बाहर दो शव मिले।

इस खोज ने यह आशंका पैदा कर दी है कि पीड़ित शायद गोसाईकुंडा जा रहे तीर्थयात्री हो सकते हैं, जो एक लोकप्रिय धार्मिक स्थल है। उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

नेपाल में घर में दबे मिले 23 शव

सर्च ऑपरेशन में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बचाव कर्मियों ने घर के अंदर एक कमरे से 21 शव और बाहर से दो और शव बरामद किए। 26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में आई ज़बरदस्त बाढ़ की चपेट में यह इमारत आ गई थी।

जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि बाढ़ का पानी बढ़ने पर पीड़ित शायद नीचे की तबाही से बचने की उम्मीद में ऊपरी मंज़िलों की ओर भागे होंगे। लेकिन, घर ही मौत का जाल बन गया।

नुवाकोट के पुलिस अधीक्षक बिपिन रेग्मी ने कहा, “एक कमरे में 21 शव और बाहर 2 शव मिले। एक शव विदेशी नागरिक का लग रहा है। शवों के साथ बैग भी मिले हैं। हो सकता है कि वे गोसाईकुंडा जा रहे यात्री हों।”

शव छत के ठीक नीचे वाले कमरे में मिले, जिससे संकेत मिलता है कि अंदर मौजूद लोग शायद बचने की हताश कोशिश में ऊपर चढ़े होंगे। सबसे परेशान करने वाली खोजों में एक महिला का शव था जिसने एक छोटी बच्ची को कसकर पकड़ रखा था। पुलिस को शक है कि वे दोनों माँ-बेटी हो सकती हैं।

रेग्मी ने कहा कि सबूतों से पता चलता है कि बढ़ते पानी से बचने की कोशिश में कई लोग एक साथ जमा हुए थे, लेकिन बाढ़ और मलबे ने इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और वे उसमें फँस गए। मिले 23 शवों में से आठ को त्रिशूली अस्पताल ले जाया गया है, जबकि बाकी शवों को कुछ समय के लिए छत पर रखा गया है और उन्हें बाद में ले जाया जाएगा।

करीब 4,000 लोग अभी भी लापता

यह त्रासदी नुवाकोट में मलबे में दबे घर तक ही सीमित नहीं है। रसुवा जिले के उत्तरगया गांव में करीब 350 छात्रों के लापता होने की खबर है और वहां तलाशी अभियान जारी है।

मुश्किल हालात के कारण त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर बचाव कार्य लगातार छठे दिन भी रुका रहा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 40-42 इंजीनियर काम कर रहे थे और अधिकारी उनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

त्रिशूली 3B हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर भी 118 कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे बाढ़ से होने वाले जान-माल के नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारतीय बचाव दल तलाशी अभियान में शामिल

भारतीय बचाव विशेषज्ञों ने नेपाल में अपना अभियान तेज़ कर दिया है और वे खराब मौसम और मुश्किल इलाकों के बावजूद नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।