*‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’: 1076 हेल्पलाइन पंजाब के बुजुर्गों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और सेवाओं तक आसान पहुँच प्रदान कर रही है*
*‘साडे बुज़ुर्ग, साडा मान’: 1076 हेल्पलाइन के माध्यम से लगभग 9,000 वरिष्ठ नागरिकों ने सरकारी कार्यालयों में जाए बिना प्राप्त कीं सरकारी सेवाएँ*
चंडीगढ़:वर्ल्ड एल्डर एब्यूज़ अवेयरनेस डे (विश्व बुज़ुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस) के अवसर पर पंजाब की 1076 डोरस्टेप गवर्नेंस पहल वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रही है। यह पहल पेंशन, प्रमाण-पत्रों और सैकड़ों सरकारी सेवाओं को सीधे उन लोगों के घरों तक पहुँचा रही है, जिन्हें इनकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकारी कार्यालय का एक साधारण दौरा भी कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है। 74 वर्षीय गुरमेल कौर को अब किसी सरकारी कार्य के लिए अपने बेटे पर निर्भर नहीं रहना पड़ता कि वह नौकरी से छुट्टी लेकर उन्हें सरकारी दफ़्तर ले जाए। शहर भर में यात्रा करने, लंबी कतारों में खड़े होने और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की बजाय अब वे केवल एक फ़ोन कॉल के माध्यम से अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ अपने घर बैठे प्राप्त कर सकती हैं।
कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन के लिए आवेदन करना, प्रमाण-पत्र प्राप्त करना, रिकॉर्ड अपडेट करवाना या कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेना परिवहन की व्यवस्था करने, लंबी कतारों में खड़े रहने, कागज़ी प्रक्रियाओं को पूरा करने और परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहने जैसी कठिनाइयों से जुड़ा होता है। अकेले रहने वाले या चलने-फिरने में कठिनाई का सामना कर रहे बुज़ुर्गों के लिए तो एक साधारण प्रशासनिक कार्य भी तनाव और चिंता का कारण बन सकता है।
पंजाब की 1076 डोरस्टेप गवर्नेंस पहल इसी स्थिति को बदलने का प्रयास कर रही है।
हर वर्ष 15 जून को मनाए जाने वाले विश्व बुज़ुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर चर्चाएँ प्रायः आर्थिक शोषण, उपेक्षा और सामाजिक अलगाव पर केंद्रित रहती हैं। लेकिन एक ऐसी चुनौती भी है जिस पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया जाता है—वरिष्ठ नागरिकों के लिए बुनियादी सरकारी सेवाओं तक स्वतंत्र रूप से पहुँच बनाने की कठिनाई।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने दिसंबर 2023 में ‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ पहल शुरू की थी। इसका उद्देश्य नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय सरकारी सेवाएँ सीधे उनके घरों तक पहुँचाना था।
45 सेवाओं के साथ शुरू हुई यह पहल आज व्यापक रूप ले चुकी है। वर्तमान में, नागरिक 29 सरकारी विभागों की 436 सेवाओं का लाभ केवल 1076 हेल्पलाइन पर कॉल करके प्राप्त कर सकते हैं। एक प्रशिक्षित सेवा सहायक आवेदक के घर पहुँचकर दस्तावेज़ों की प्रक्रिया में सहायता करता है, रिकॉर्ड की पुष्टि करता है और आवेदन की पूरी प्रक्रिया घर पर ही पूरी करवाता है।
इस योजना को व्यापक जनसमर्थन मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कार्यक्रम के शुरुआती चरणों में अब तक 3,31,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। सेवा को अधिक किफायती और सुलभ बनाने के लिए राज्य सरकार ने डोरस्टेप सेवा शुल्क को ₹120 से घटाकर मात्र ₹50 कर दिया।
वरिष्ठ नागरिकों द्वारा सबसे अधिक प्राप्त की जाने वाली सेवाओं में वृद्धावस्था पेंशन योजना प्रमुख रही है। हज़ारों बुज़ुर्गों ने सरकारी कार्यालयों में गए बिना 1076 हेल्पलाइन के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि डोरस्टेप गवर्नेंस सामाजिक कल्याण सेवाओं की पहुँच में मौजूद एक महत्त्वपूर्ण अंतर को भरने में मदद कर रही है। अक्टूबर 2025 में जब यह सुविधा शुरू की गई थी, तब 685 वरिष्ठ नागरिकों ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया था। फरवरी 2026 में यह संख्या बढ़कर 1,658 तक पहुँच गई, जबकि अप्रैल 2026 में 1,125 आवेदन दर्ज किए गए।
कई बुजुर्गों के लिए चुनौती केवल शारीरिक गतिशीलता तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया से दूरी भी एक बड़ी समस्या है। जैसे-जैसे सरकारी व्यवस्थाएँ अधिक तकनीक आधारित होती जा रही हैं, वरिष्ठ नागरिकों को ऑनलाइन पोर्टल, दस्तावेज अपलोड, ओटीपी वेरिफिकेशन और अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 1076 मॉडल तकनीक को मानवीय सहायता के साथ जोड़कर इस समस्या का समाधान करता है और यह सुनिश्चित करता है कि डिजिटलीकरण के दौर में कोई भी कमज़ोर वर्ग पीछे न छूटे।
यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के लिए पंजाब सरकार के व्यापक प्रयासों का भी हिस्सा है। राज्य की ‘साडे बुज़ुर्ग, साडा मान’ मुहिम के तहत बुज़ुर्गों को पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, वरिष्ठ नागरिक पहचान-पत्र, सहायक उपकरणों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं तक पहुँच को सरल बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार इस बात पर बल देते रहे हैं कि सरकारी कार्यालय नागरिकों पर बोझ नहीं बनने चाहिए, बल्कि सरकार को स्वयं नागरिकों तक पहुँचना चाहिए। 1076 हेल्पलाइन इसी सोच का साकार रूप है, जो विशेष रूप से उन लोगों के घर तक सेवाएँ पहुँचाती है जिन्हें इनकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
ऐसी पहलों का महत्त्व केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है।
पेंशन की पात्र वृद्ध विधवा, आधिकारिक दस्तावेज़ों की आवश्यकता वाले सेवानिवृत्त शिक्षक या भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करने वाले वरिष्ठ किसान के लिए डोरस्टेप गवर्नेंस केवल सुविधा का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे कहीं बढ़कर है।
यह सम्मान का प्रतीक है।
यह आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
और यह इस भरोसे का प्रतीक है कि बढ़ती उम्र कभी भी सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच में बाधा नहीं बनेगी।
पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, “वर्ल्ड एल्डर एब्यूज़ अवेयरनेस डे पर समाज द्वारा दिया जाने वाला सबसे प्रभावशाली समावेश शायद यही है कि वरिष्ठ नागरिक केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी न रहें, बल्कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदार भी बनें।”
हर उस बुज़ुर्ग नागरिक के लिए जिसे अब ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती, लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ता और एक साधारण प्रशासनिक कार्य के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, पंजाब की डोरस्टेप गवर्नेंस पहल केवल सेवा वितरण में सुधार नहीं है।
यह एक वादा है कि जब नागरिकों को सबसे अधिक आवश्यकता होगी, तब सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँचेगी।















