संगरूर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार संगरूर को स्केटिंग हब के रूप में विकसित कर रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस जिले के खिलाड़ी हर साल 70 से 80 राष्ट्रीय पदक जीतते हैं और धूरी में एक नया विश्वस्तरीय स्केटिंग ट्रैक भी बनाया जा रहा है। पिछली सरकारों द्वारा खेलों के प्रति इस्तेमाल की गई अनदेखी के विपरीत, अपनी सरकार द्वारा खेलों को दी जा रही प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए उन्होंने 1,790 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड खेल बजट पर प्रकाश डाला और आश्वासन दिया कि किसी भी खिलाड़ी को सुविधाओं या संसाधनों से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। पंजाब की खेल विरासत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल टीमों के कप्तान पंजाबी हैं। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को खेलों और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि वे देश का नाम रोशन कर सकें।
अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “संगरूर के स्केटिंग ट्रैक पर छोटे बच्चों और युवाओं का उत्साह देखकर बेहद खुशी हुई। संगरूर अब स्केटिंग हब के रूप में उभरा है, जहां के खिलाड़ी हर साल 70 से 80 राष्ट्रीय पदक जीतते हैं। इन युवा खिलाड़ियों के माता-पिता और कोचों की कड़ी मेहनत तथा समर्पण को सलाम है। भारत की क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल टीमों के कप्तान पंजाबी हैं, क्योंकि पंजाबी कभी भी अग्रणी रहने से कम पर संतुष्ट नहीं होते। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हमने पहली बार खेल बजट बढ़ाकर 1,790 करोड़ रुपये किया है। हम प्रार्थना करते हैं कि हमारे बच्चे खेलों और पढ़ाई में बड़ी उपलब्धियां हासिल करें और देश का नाम रोशन करें। इंकलाब जिंदाबाद।”
खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम संगरूर को स्केटिंग के ऐसे केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। स्केटिंग एक बेहद चुनौतीपूर्ण खेल है, जिसके लिए असाधारण कौशल, तकनीक और समर्पण की आवश्यकता होती है।”
मुख्यमंत्री ने 19वीं और 20वीं एशियाई रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह बेहद गर्व की बात है कि संगरूर जिले के खिलाड़ी हर साल 70 से 80 राष्ट्रीय पदक जीतते हैं। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।”
उन्होंने कहा, “हमारे पास संगरूर जिले में पहले से ही दो स्केटिंग ट्रैक हैं और धूरी में एक और शानदार स्केटिंग ट्रैक बनाया जा रहा है। हमारा लक्ष्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि वे पंजाब और देश का नाम रोशन कर सकें। हम अपने खिलाड़ियों की प्रगति में सुविधाओं या संसाधनों की किसी भी कमी को बाधा नहीं बनने देंगे।”
खेलों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहली बार इस क्षेत्र के लिए विशेष रूप से 1,790 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने खेलों को कोई विशेष महत्व नहीं दिया। हमारी सरकार ने खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार खेलों के लिए 1,790 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। हम अपने खिलाड़ियों को उत्कृष्टता हासिल करने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा संस्करण चल रहा है, जिसमें उभरती खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें निखारने के लिए लाखों प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “‘खेडां वतन पंजाब दियां’ युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अपने खेल संबंधी लक्ष्य हासिल करने के लिए एक मंच प्रदान कर रहा है। हम खेलों को प्रोत्साहित करने और युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 3,000 से अधिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रहे हैं और गांवों में जिम स्थापित कर रहे हैं।”
विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धियों में माता-पिता और कोचों के योगदान को भी सराहा। उन्होंने कहा, “पोडियम तक पहुंचने के लिए खिलाड़ी की मेहनत और समर्पण बहुत जरूरी है, लेकिन माता-पिता और कोचों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। वे हर कदम पर खिलाड़ियों के साथ खड़े रहते हैं, चुनौतियों के दौरान उनका मार्गदर्शन करते हैं और परछाईं की तरह उनका साथ देते हैं। मैं सभी विजेता खिलाड़ियों, उनके माता-पिता और कोचों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देता हूं।”
उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, “खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करते हैं तथा उन्हें बुरी संगत से दूर रखने में मदद करते हैं। हमें अपने बच्चों को उनके कौशल को विकसित करने और उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए हर अवसर देना चाहिए।”
भारतीय खेलों में पंजाब के लंबे समय से चले आ रहे योगदान पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार देश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ने कई दशकों से भारतीय खेलों में असाधारण योगदान दिया है। आज हरमनप्रीत सिंह भारतीय पुरुष हॉकी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, शुभमन गिल भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान हैं, हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नेतृत्व कर चुकी हैं, गुरप्रीत सिंह संधू भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और पलप्रीत सिंह बराड़ भारतीय बास्केटबॉल टीम के कप्तान रह चुके हैं। यह पंजाब की अपार खेल प्रतिभा को दर्शाता है और हमारी सरकार चैंपियनों की अगली पीढ़ी तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार खेल बुनियादी ढांचे में निवेश करना जारी रखेगी और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेगी।
इस अवसर पर लड़कों और लड़कियों के लिए स्पीड स्केटिंग दौड़ प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।





















