इस अभ्यास के असली मकसद पर उठाए सवाल
कहा: आप सरकार सरकारी खर्चे पर लोगों का डेटा इकट्ठा करना चाहती है
पंजाब को बदनाम करने को लेकर किया आगाह
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा राज्य में “ड्रग एंड सोशल-इकोनॉमिक सेंसस” करवाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस ने इस अभ्यास के वास्तविक उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए, चेतावनी दी है कि इससे पूरे पंजाब पर दाग लगाया जाएगा।
यहां जारी एक बयान में, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस “जनगणना” के असली मकसद पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह दरअसल आम आदमी पार्टी द्वारा चुनावों से पहले लोगों का डेटा इकट्ठा करने की कवायद है, जिसका खर्च सरकारी खजाने से किया जा रहा है।
उन्होंने ऐसी जनगणना की तर्कसंगतता पर सवाल उठाते हुए, पूछा कि कौन-सा परिवार गिनती करने वालों को यह बताएगा कि उनके घर का कोई सदस्य नशे का आदी है? उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह निजी और गोपनीय मामला है और कोई भी इसे सार्वजनिक नहीं करना चाहेगा। उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक उद्देश्य नशा पीड़ितों का डेटा इकट्ठा करना है, तो यह अभियान असफल रहेगा।
उन्होंने कहा कि कथित ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के बाद यह जनगणना कराई जा रही है, इसलिए सरकार अपनी वाहवाही के लिए यह आंकड़े भी जारी कर सकती है कि नशा पीड़ितों की संख्या घटी है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं हुआ है।
वड़िंग ने खुलासा किया कि स्वास्थ्य विभाग के पास पहले से ही राज्य के नशा पीड़ितों का पूरा डेटा मौजूद है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा मुक्ति प्रणाली की पूरी तरह निगरानी होती है और इलाज करवाने वाले हर व्यक्ति से आधार कार्ड लिया जाता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आप सरकार दरअसल पूरे राज्य का डेटा इकट्ठा करना चाहती है, जिसका इस्तेमाल एक साल से कम समय में होने वाले विधानसभा चुनावों में किया जाएगा और इस उद्देश्य के लिए सरकारी मशीनरी व संसाधनों का उपयोग होगा।
वड़िंग ने जोर देते हुए, कहा कि नशे की लत एक संवेदनशील स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, जिसमें पूरी तरह निजता जरूरी है। उन्होंने कहा कि इलाज करवा रहे हर मरीज को निजता का अधिकार है, लेकिन यह जनगणना उसकी पहचान उजागर कर सकती है और उसे सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि न केवल नशा पीड़ित और उनके परिवार खुद को कलंकित महसूस करेंगे, बल्कि यह “जनगणना” पूरे पंजाब को देश की नशों की राजधानी के रूप में पेश करेगी। उन्होंने सवाल किया कि आप पंजाब को बदनाम करने पर क्यों तुली हुई है? उन्होंने ऐसे संवेदनशील मामलों में सावधानी और सोच-समझकर काम करने की सलाह दी है।










