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ट्रंप ने परमाणु हमले का दिया इशारा ! बोले- ‘अब आसमान में दिखेगी रोशनी’, दुनिया में मचा हड़कंप

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International Desk: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर ईरान के साथ डील नहीं होती है, तो वह होर्मुज स्ट्रेट में सस्पेंड किए गए मैरीटाइम सिक्योरिटी इनिशिएटिव “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को फिर से शुरू कर सकते हैं। व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा, “अगर सब कुछ ठीक से नहीं हुआ, तो हम दूसरा रास्ता अपनाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि प्रोजेक्ट फ्रीडम अच्छा है, लेकिन मुझे लगता है कि हमारे पास इसे करने के दूसरे तरीके भी हैं। अगर चीजें नहीं हुईं तो हम प्रोजेक्ट फ्रीडम पर वापस जा सकते हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस होगा, जिसका मतलब है प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस दूसरी चीजें।” ट्रंप ने कहा- ‘अब आसमान में रोशनी दिखेगी ।’ उनके इस हमले को परमाण हमले का संकेट माना जा रहा है जिसके बाद दुनिया में हड़कंप मच गया है।

 

यह बात ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में यह अनाउंस करने के बाद आई कि “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को कुछ समय के लिए रोक दिया जाएगा, जब तक ईरान के पोर्ट्स पर नेवल ब्लॉकेड जारी रहेगा। इससे पहले गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना और ईरानी बलों के बीच सीधा टकराव सामने आया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक USS Truxtun, USS Rafael Peralta और USS Mason अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान ईरान की तरफ से मिसाइल, ड्रोन और छोटी नौकाओं के जरिए हमला करने की कोशिश की गई। अमेरिका ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया।इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए Bandar Abbas और Qeshm Port में ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के अनुसार इन ठिकानों पर ड्रोन लॉन्च साइट, मिसाइल सिस्टम और कमांड सेंटर मौजूद थे।

Donald Trump ने इस कार्रवाई को “लव टैप” बताते हुए कहा कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिका का अगला जवाब कहीं ज्यादा बड़ा और खतरनाक होगा। ट्रंप के “आसमान में रोशनी” और “भयानक जवाब” जैसे शब्दों को लेकर सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वे परमाणु हमले की चेतावनी दे रहे हैं। हालांकि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियारों का कोई जिक्र नहीं किया है। इस बीच Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने दोबारा होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य दबाव बनाने की कोशिश की, तो क्षेत्र में फिर से युद्ध शुरू हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है और यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल सप्लाई तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा संघर्ष पूर्ण युद्ध में नहीं बदला है और सीजफायर तकनीकी रूप से अभी भी कायम है, लेकिन हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं।