पटना (विकास कुमार): तीन दशक से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बिहार की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। जब जब राजनीतिक समीक्षकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक शक्ति को कम करके आंका तब-तब जेडीयू (JDU) ने अपने प्रदर्शन से उन आकलनों को खारिज दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस भी गठबंधन का साथ दिया वे आराम से सत्ता में आ गए।
2015 के विधानसभा चुनाव के आंकड़े बताते हैं कि जेडीयू का साथ रहने से आरजेडी की सीट की संख्या 22 से बढ़कर 80 हो गई थी। वहीं जेडीयू से अलग चुनाव लड़ने वाली बीजेपी को 2015 में भारी नुकसान उठाना पड़ा था। 2015 के चुनाव में बीजेपी की सीट 91 से घट कर 54 पर आ गया। इसलिए पटना से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा होती है कि जिसके साथ नीतीश कुमार होंगे, वही गठबंधन सत्ता में आया है।
विधानसभा चुनावों में JDU का स्ट्राइक रेट
विधानसभा चुनाव कुल सीट लड़ी सीटें जीती स्ट्राइक रेट
Oct. 2005 139 88 63.3%
2010 141 115 81.6%
2015 101 71 70.3%
2020 115 43 37.4
विधानसभा चुनावों में BJP का स्ट्राइक रेट
विधानसभा चुनाव कुल सीट लड़ी सीटें जीती स्ट्राइक रेट
Oct,2005 102 55 54.9%
2010 102 91 89.2%
2015 157 54 34.4%
2020 110 74 67.3%
आंकड़ों का विश्लेषण
साल 2015 के विधानसभा चुनाव (Bihar Elections) में बीजेपी ने जेडीयू के गठबंधन के बिना जब चुनाव लड़ा था, तो भगवा पार्टी का स्ट्राइक रेट घटकर 34.4 फीसदी रह गया था। वहीं जब-जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मिल कर बीजेपी ने विधानसभा चुनाव लड़ा है, तब तब बीजेपी का स्ट्राइक रेट जबरदस्त रहा है। जेडीयू का साथ होने से 2005 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का स्ट्राइक रेट 54.9 फीसदी, 2010 में 89.2 फीसदी और 2020 में 67.3 फीसदी था। ये आंकड़े बताते हैं कि बीजेपी की तमाम रणनीति तभी रंग लाती है जब उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथ मिलता है।
2020 की तुलना में 2024 में JDU के वोट शेयर में हुई इजाफा
2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू को कुल 64 लाख 48 हजार एक सौ 79 वोट मिला था। इस लिहाज से जेडीयू का वोट शेयर 2020 में 15.39 फीसदी रहा था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू के वोट शेयर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। 2024 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू का वोट शेयर बढ़कर 18.52 फीसदी हो गया। इस लिहाज से देखें तो 2020 की तुलना में 2024 में जेडीयू के वोट शेयर में 3.13 फीसदी का उछाल आया है। इससे पता चलता है कि जेडीयू के प्रति जनता का भरोसा बरकरार है।











