- कई जघन्य अपराधों में वांछित जोबन बिल्ला गिरफ्तारी से बचने के लिए विभिन्न देशों से चला रहा था आपराधिक गतिविधियां : डीजीपी गौरव यादव
- फरार अपराधियों की तलाश और अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नोमैड-हंट’ के तहत बड़ी सफलता : डीजीपी पंजाब
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चलाए जा रहे गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान के तहत अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) पंजाब तथा केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से फरार गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला का सफल प्रत्यर्पण कराया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी जोबन बिल्ला को 20 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया में हिरासत में लेने के बाद भारत रवाना किया गया। पंजाब पुलिस ने उसे मुंबई हवाई अड्डे पर अपनी हिरासत में लिया और अब आगे की जांच के लिए पंजाब लाया जा रहा है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि यह सफलता छह महीने तक चले गुप्त अंतरराष्ट्रीय अभियान ‘ऑपरेशन नोमैड-हंट’ का परिणाम है। इस अभियान के तहत फरार अपराधियों का पता लगाने के लिए लगातार निगरानी, रणनीतिक खुफिया जानकारी एकत्र करना तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ निकट समन्वय स्थापित किया गया।
उन्होंने बताया कि जोबन बिल्ला हत्या, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस अधिनियम तथा आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी 9 जनवरी 2025 को गोरखपुर निवासी एक व्यक्ति के फर्जी विवरण के आधार पर तैयार किए गए पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से फरार हो गया था। यह पासपोर्ट 8 मार्च 2024 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से जारी किया गया था।
डीजीपी ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए जोबन बिल्ला विभिन्न देशों से अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। वह पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में छिपा रहा, वहां से जॉर्जिया गया और बाद में इंडोनेशिया पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था तथा उसके फर्जी पासपोर्ट और संभावित ठिकानों संबंधी पुख्ता जानकारी समय-समय पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की जाती रही। इसके अलावा उसके विरुद्ध इंटरपोल के पांच संदर्भ भी जारी किए गए थे। पंजाब पुलिस के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप इंडोनेशिया में उसे हिरासत में लिया गया।
उल्लेखनीय है कि ‘ऑपरेशन नोमैड-हंट’ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एजीटीएफ प्रमोद बान की निगरानी में तथा पुलिस अधीक्षक (एसपी) एजीटीएफ/ओएफटीईसी बिक्रमजीत सिंह बराड़ के नेतृत्व में चलाया गया।
एडीजीपी प्रमोद बान ने बताया कि जोबन बिल्ला पंजाब में दर्ज चार हत्या के मामलों में वांछित है। इनमें मई 2023 में अमृतसर के गांव सठियाला में जरनैल सिंह की हत्या, जनवरी 2024 में दीपू अजनाला की हत्या, मार्च 2025 में 12 वर्षीय गुरसेवक सिंह की हत्या तथा मार्च 2025 में ही विक्की चुघ की हत्या के मामले शामिल हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर पंजाब पुलिस ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) आशीष चौधरी के नेतृत्व में ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) का गठन किया है। इसका उद्देश्य विदेशों में छिपे अपराधियों का पता लगाकर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पंजाब वापस लाना तथा उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज करना है।













