Punjabi News

तेलंगाना में चौंकाने वाली घटना:10वीं के दो छात्रों ने की प्रिंसिपल हत्या की, 27 बार चाकू घोंपा, घर में की लूटपाट

5

तेलंगाना के नलगोंडा ज़िले में स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक दो नाबालिग छात्रों ने चोरी के इरादे से कोंडामाल्लेपल्ली में रूपा रेड्डी के घर में घुसे और कथित तौर पर उन पर 27 बार चाकू से वार करके उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है।

पीड़िता, कल्लू रूपा रेड्डी, कोंडामल्लेपल्ली स्थित नागार्जुन पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल और निदेशक थीं और मंडल मुख्यालय के जेबी कॉलोनी में अपने पति राजेंद्र रेड्डी के साथ रहती थीं। पुलिस के अनुसार, दंपति के पास हैदराबाद में भी एक घर है . हत्या वाले दिन ही वो हैदराबाद से आई थी और उनके पति किसी काम से वहीं रह गए थे.

12 अगस्त की सुबह वो अपने आवास पर 27 चाकू के घावों के साथ मृत पाई गईं। उनका शव तब बरामद किया गया जब उनके पति ने पड़ोसियों को सूचित किया कि वह उनके फोन कॉल का जवाब नहीं दे रही है। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया, जिन्होंने उसे मृत पाया।

नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार के मुताबिक, हत्या की जांच के लिए पांच टीमें बनाई गई थीं और करीब 70 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई.

पीड़िता के आखिरी शब्द से सुलझा केस

जांच में पुलिस को रूपा रेड्डी की अपनी मौसी से हुई आखिरी बातचीत से महत्वपूर्ण सुराग मिला . फोन बंद होने से पहले उन्होंने अपनी मौसी से बात की थी और बताया जाता है कि उनका आखिरी शब्द “बाबू” था।

पुलिस को पता चला कि रूपा रेड्डी स्कूल में छात्रों को अक्सर “बाबू” कहकर बुलाती थी। इससे जांचकर्ताओं ने अपना ध्यान छात्रों पर केंद्रित किया। पुलिस ने शुरू में जांच के लिए 13 छात्रों की पहचान की और उनमें से पांच से पूछताछ की, जिसके बाद उन्होंने अपना ध्यान 10वीं क्लास के उन दो छात्रों पर केंद्रित किया जो असामान्य रूप से बड़ी मात्रा में पैसे खर्च करते हुए दिखाई दे रहे थे। उन्हें पता चला कि वो दो छात्र पिछले कुछ दिनों से काफ़ी पैसे खर्च कर रहे थे और पार्टियां कर रहे थे।

छात्रों ने फिजूलखर्ची की आदतों को पूरा करने के लिए पैसे चुराए

जांच से पता चला कि दोनों छात्र एक ही हॉस्टल के कमरे में रहते थे और उन्हें महंगे फोन, मोटरसाइकिल और आलीशान जीवनशैली का शौक था। पुलिस ने बताया कि वे सोशल मीडिया और यूट्यूब पर जल्दी पैसे कमाने के तरीके भी खोज रहे थे।

बताया जाता है कि रूपा रेड्डी ने उनके हॉस्टल के बैग में एक फोन और कुछ पैसे मिलने के बाद उन्हें डांटा था। उन्होंने उनके माता-पिता को इसकी जानकारी दी थी और उन्हें हॉस्टल से हटाकर डे-स्कॉलर (बिना हॉस्टल में रहने वाले छात्र) बना दिया गया था। पुलिस को शक है कि इसी वजह से प्रिंसिपल के प्रति उनके मन में नाराज़गी पैदा हुई होगी।

पुलिस का मानना ​​है कि इस घटना से छात्र उनसे नाराज हो गए और उन्होंने उन्हें निशाना बनाने का फैसला किया।

छात्रों ने प्रिंसिपल के घर की रेकी की

पुलिस के मुताबिक, छात्रों ने अपराध को अंजाम देने से पहले लगभग एक हफ्ते तक रूपा रेड्डी के घर की रेकी की थी।

हत्या के दिन, आरोप है कि उन्होंने कोंडामाल्लेपल्ली में अपने कपड़े बदले और एक चाकू व दस्ताने खरीदे। चूंकि घर के सामने सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था, इसलिए आरोप है कि वे पीछे के रास्ते से अंदर घुसे और नकदी चुराई।

पुलिस ने बताया कि रूपा रेड्डी ने छात्रों को पहचान लिया था, जिसके बाद छात्रो ने उनपर चाकू से हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने उसे लगभग 27 बार चाकू मारा, फिर कैश और उसका फ़ोन लेकर घर के पिछले हिस्से से भाग गए।

नलगोंडा के पुलिस सुपरिटेंडेंट शरथ चंद्र पवार ने इस मामले को एक बड़ी चुनौती माना और देवरकोंडा DSP की अगुवाई में पाँच स्पेशल टीमें बनाईं।

जाँच ​​करने वालों ने संदिग्धों की पहचान करने के लिए फ़ोरेंसिक सबूत, फ़िंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड, CCTV फ़ुटेज और टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल किया। पुलिस ने 30 किलोमीटर के इलाके में 70 से ज़्यादा CCTV कैमरों की फ़ुटेज देखी और जाँच के दौरान 80 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की।

मामले में तब बड़ी कामयाबी मिली जब पुलिस ने दो छात्रों को डोनियाला क्रॉस-रोड पर मोटरसाइकिल पर जाते हुए रोका। उनके पास कथित तौर पर 1.54 लाख रुपये कैश मिला। पुलिस ने बताया कि 500 ​​रुपये के तीन नोटों पर खून के धब्बे थे।

कैश, फ़ोन और हथियार बरामद

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने रूपा रेड्डी की हत्या करने और कैश चुराने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने 1.54 लाख रुपये कैश, पीड़िता का मोबाइल फ़ोन, कथित तौर पर ₹60,000 में खरीदा गया एक iPhone, अपराध में इस्तेमाल किया गया चाकू, दस्ताने, मास्क और दो मोबाइल फ़ोन बरामद किए।