बिजनेस डेस्कः विमानन कंपनी स्पाइसजेट की वित्तीय मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब कंपनी पर जीएसटी नियमों के पालन में कथित चूक को लेकर 124.65 करोड़ रुपए की कर देनदारी का मामला सामने आया है। जीएसटी विभाग ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसका जीएसटी रजिस्ट्रेशन क्यों न रद्द कर दिया जाए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पाइसजेट ने कई महीनों से जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किए हैं। इसी वजह से विभाग ने सीजीएसटी और एसजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी की कर देनदारी का अस्थायी आकलन किया है। 25 मई 2026 को जारी नोटिस में कंपनी को जवाब देने के लिए कहा गया है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 के लिए 44.44 करोड़ रुपए, दिसंबर 2025 के लिए 43.79 करोड़ रुपए, जनवरी 2026 के लिए 12.19 करोड़ रुपए, फरवरी 2026 के लिए 12.10 करोड़ रुपए और मार्च 2026 के लिए 12.12 करोड़ रुपए की कर मांग निर्धारित की गई है। बताया जा रहा है कि नोटिस जारी होने के बाद भी लंबित रिटर्न दाखिल नहीं किए गए हैं।
शेयर बाजार पर दिख सकता है असर
इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को कारोबार शुरू होने पर निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रह सकती है। शुक्रवार को बीएसई पर स्पाइसजेट का शेयर 12.75 रुपए पर बंद हुआ था। वर्ष 2026 में अब तक कंपनी का शेयर करीब 60 प्रतिशत गिर चुका है, जबकि पिछले एक वर्ष में इसमें 70 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति भी दबाव में बनी हुई है। दिसंबर 2025 तिमाही में स्पाइसजेट को 261.38 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा हुआ था, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी लाभ में थी। हालांकि, परिचालन से होने वाली आय में वृद्धि दर्ज की गई और यह 1,237 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,408 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।













