अबोहर : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ को चुनौती दी कि वह अपने भतीजे संदीप जाखड़, जो कांग्रेस के टिकट पर चुने गए हैं, को अबोहर से इस्तीफा देकर खुद चुनाव लड़वाएं और वह (वड़िंग) कांग्रेस की ओर से उनके खिलाफ लड़ेंगे।
यहां ‘जय संविधान’ रैली को संबोधित करते हुए वड़िंग ने कहा कि नैतिक रूप से संदीप जाखड़ को विधायक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि सुनील जाखड़ भाजपा में शामिल होकर इसके प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं, क्योंकि संदीप ने कांग्रेस के बजाय अपने चाचा का साथ दिया है।
वरिष्ठ जाखड़ को मुक़ाबले के लिए चुनौती देते हुए उन्होंने कहा, “आप भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला करें और मैं कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ूंगा और अगर मैं हार गया, तो मैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दूंगा और अगर आप हार गए, तो आप पंजाब भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दें।” पीसीसी अध्यक्ष ने जाखड़ की इस बात के लिए आलोचना की कि उन्होंने राहुल गांधी को पाकिस्तान भेजने का सुझाव दिया है, क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री से देश को यह बताने के लिए कहा था कि पाकिस्तान के साथ शत्रुता में देश को कितना नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जाखड़ को ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन कांग्रेस में बिताया है। देशभर में आयोजित की जा रही जय संविधान रैलियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि भाजपा संविधान के साथ छेड़छाड़ या बदलाव न करे। उन्होंने कहा कि भाजपा के इरादे अच्छे नहीं हैं, क्योंकि वह संविधान बदलने के लिए 400 से अधिक सीटें जीतना चाहती है। लेकिन, उन्होंने कहा कि देश की जनता ने उन्हें 240 सीटों पर सीमित करके सबक सिखाया है। अब प्रधानमंत्री भी संविधान के आगे झुकने लगे हैं। वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैसे मान सरकार ने आंदोलनकारी किसानों के खिलाफ आधी रात को निर्मम कार्रवाई का आदेश दिया और कैसे उन्हें बेरहमी से पीटा गया। पीसीसी अध्यक्ष ने पंजाब की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य पर करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और आप सरकार के कार्यकाल के अंत तक यह 5.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी होगी कि राज्य के पास वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं होंगे, क्योंकि पूरी कमाई कर्ज चुकाने में ही चली जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य को पूरी तरह से आर्थिक सुधार की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है, जो अच्छी शिक्षा और उचित रोजगार के बाद ही संभव हो सकता है, ताकि उन्हें किसी पर निर्भर न रहना पड़े। राज्य में व्याप्त नशे की समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने पोस्त की खेती पर बहस कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से पोस्त की भूसी या अफीम के सेवन के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सुझाव मिल रहे हैं कि पंजाब को पोस्त की खेती की अनुमति देनी चाहिए, जिस पर बहस और चर्चा होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि शराब या ड्रग्स की कोई भी लत स्वास्थ्य के साथ-साथ समाज के लिए भी हानिकारक है। इस अवसर पर अन्यों के अलावा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव रविन्द्र दलवी, सांसद शेर सिंह घुबाया, प्रदेश कांग्रेस महासचिव संगठन कैप्टन संदीप संधू आदि उपस्थित थे।


















