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कर्ज लेकर इटली गए पंजाबी युवक की पुलिस हिरासत में मौत, 3 लड़कियों की शिकायत ने ली जान

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International Desk: इटली में पुलिस हिरासत के दौरान पंजाब के होशियारपुर जिले के मियानी गांव निवासी 23 वर्षीय सुखविंदर सिंह उर्फ सोनू की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 23 जून को हुई इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और मौत की परिस्थितियों को लेकर निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है। इटली के अधिकारियों ने मामले में पोस्टमार्टम और न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, सुखविंदर पिछले करीब पांच वर्षों से इटली में रह रहा था। वह ब्रेशिया (Brescia) के पास कृषि मजदूर के रूप में काम करता था और अपने दस्तावेज नियमित कराने की प्रक्रिया में था। उसने राजनीतिक शरण (Political Asylum) के लिए भी आवेदन किया था और उसके आवेदन पर फैसला आना बाकी था।

 

21 जून को एक वाटर पार्क में तीन नाबालिग लड़कियों ने उस पर कथित यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया। शिकायत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां प्रारंभिक सुनवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इतालवी अधिकारियों के अनुसार, सुखविंदर का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। सुखविंदर की छोटी बहन अमनदीप कौर ने आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया है। उनके मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले भाई ने फोन पर बताया था कि वाटर पार्क में तीन लड़कियां सेल्फी ले रही थीं। वहां से गुजरते समय उसका हाथ गलती से एक लड़की से टकरा गया, जिसके बाद विवाद हो गया और पुलिस बुला ली गई।अमनदीप ने कहा कि उनके भाई ने बार-बार कहा था कि उसने कोई गलत हरकत नहीं की। यदि किसी को असुविधा हुई तो उसने माफी भी मांग ली थी। परिवार का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद भी वह लगातार अपनी बेगुनाही की बात दोहराता रहा।

परिवार के अनुसार, जेल भेजे जाने के बाद सुखविंदर ने तबीयत खराब होने की शिकायत की थी। अधिकारियों ने उसे दूसरी बैरक में स्थानांतरित किया, लेकिन 23 जून को हिरासत के तीसरे दिन उसकी मौत हो गई। परिवार को 24 जून को इतालवी भाषा में आधिकारिक सूचना मिली। चूंकि परिवार इतालवी भाषा नहीं समझता था, इसलिए गांव के एक युवक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित अनुवाद की मदद से दस्तावेज का पंजाबी में अनुवाद किया। तभी परिवार को सुखविंदर की मौत की जानकारी मिल सकी। परिवार का कहना है कि मीडिया रिपोर्टों में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इतालवी अधिकारियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रमाण या पोस्टमार्टम रिपोर्ट साझा नहीं की है।

 

अमनदीप कौर ने कहा कि परिवार ने अभी तक सुखविंदर का शव भी नहीं देखा है और वे चाहते हैं कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच हो तथा मौत का वास्तविक कारण सामने आए। पुलिस हिरासत में मौत होने के कारण ब्रेशिया अभियोजक कार्यालय ने शव का पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा एक विशेष जांच समिति गठित की गई है। करीब पांच वर्ष पहले सुखविंदर बेहतर भविष्य की तलाश में इटली गया था। परिवार के अनुसार, उसे विदेश भेजने के लिए उसकी मां ने अपने गहने गिरवी रखे और लगभग 15 लाख रुपये का कर्ज लिया था। दो वर्ष पहले उसकी मां का निधन हो गया, लेकिन प्रवासी स्थिति और दस्तावेजी कारणों के चलते सुखविंदर अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका। परिवार का कहना है कि वह घर का इकलौता बेटा था और पूरे परिवार की आर्थिक उम्मीद उसी पर टिकी हुई थी।

 

रिश्तेदारों और गांव के लोगों के अनुसार, सुखविंदर धार्मिक प्रवृत्ति का युवक था। इटली जाने से पहले वह गांव के गुरुद्वारे में पाठी के रूप में सेवा करता था और नियमित रूप से गुरबाणी का पाठ करता था। परिवार का कहना है कि उसका स्वभाव शांत और धार्मिक था तथा वह मेहनत करके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सुखविंदर की मौत आत्महत्या, स्वास्थ्य संबंधी कारणों या किसी अन्य वजह से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।