- मोहाली में आयोजित ‘एन.आर.आई. मिलनी-2026’ के दौरान चार जिलों से संबंधित प्रवासी पंजाबियों की समस्याएं सुनी गईं
- जनवरी 2022 से मई 2026 तक 26,828 शिकायतें प्राप्त; 25,870 का निपटारा, 1,187 एफ.आई.आर. दर्ज और 1,451 आरोपी गिरफ्तार
- संपत्ति विवादों, अवैध कब्जों और वैवाहिक मामलों के समाधान के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
- कॉन्ट्रैक्ट मैरिज और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार के समक्ष पंजाब का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा: डॉ. रवजोत सिंह
चंडीगढ़/एस.ए.एस. नगर (मोहाली):पंजाब के एन.आर.आई. मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा है कि प्रवासी पंजाबियों से संबंधित प्रत्येक मामले का समाधान पूरी पारदर्शिता, योग्यता और निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेशों में बसे पंजाबियों की समस्याओं के प्रभावी और त्वरित निपटारे के लिए पंजाब सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
आज एमिटी यूनिवर्सिटी, मोहाली में आयोजित ‘एन.आर.आई. मिलनी-2026’ के दौरान प्रवासी पंजाबियों को संबोधित करते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि इस विशेष मिलनी का उद्देश्य एन.आर.आई. की समस्याओं को मौके पर सुनना और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
इस मिलनी में एस.ए.एस. नगर (मोहाली), रूपनगर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब जिलों से संबंधित बड़ी संख्या में प्रवासी पंजाबियों ने भाग लिया। इस अवसर पर एन.आर.आई. मामलों के सचिव मोहम्मद तैयब, ए.डी.जी.पी. एन.आर.आई. विंग पंजाब आर.के. जैसवाल, कमिश्नर पटियाला डिवीजन-कम-चेयरमैन एन.आर.आई. सभा जालंधर विनय बुबलानी, विशेष सचिव एन.आर.आई. अमनदीप कौर, डिप्टी कमिश्नर एस.ए.एस. नगर कोमल मित्तल, एस.एस.पी. रूपनगर मनिंदर सिंह तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि विदेशों में बसे पंजाबी अपनी मिट्टी, संस्कृति और विरासत के साथ गहरा जुड़ाव रखते हैं तथा उन्होंने विश्वभर में पंजाब और भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार एन.आर.आई. से संबंधित प्रत्येक मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध सुनवाई तथा निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है।
एन.आर.आई. मंत्री ने बताया कि जनवरी 2022 से मई 2026 तक एन.आर.आई. विभाग को कुल 26,828 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 25,870 का निपटारा किया जा चुका है। इस अवधि के दौरान 1,187 एफ.आई.आर. दर्ज की गईं और 1,451 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े एन.आर.आई. मामलों के समाधान के प्रति पंजाब सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रवासी पंजाबियों द्वारा मुख्य रूप से संपत्ति विवादों, जमीनों पर अवैध कब्जों, दस्तावेजी त्रुटियों तथा वैवाहिक मामलों से संबंधित शिकायतें दर्ज करवाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लगभग 5,000 से 6,000 शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिनमें से बड़ी संख्या का निपटारा आपसी सहमति अथवा कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि जिन मामलों का निपटारा लंबे समय से लंबित है अथवा जिनकी सुनवाई की प्रक्रिया धीमी है, उनकी वह स्वयं निगरानी कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा करके समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
कनाडा में ‘कॉन्ट्रैक्ट मैरिज’ तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वर्क परमिट या स्थायी निवास (पी.आर.) प्राप्त करने के मामलों संबंधी पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गंभीर और राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित कानूनी व्यवस्था संसद के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन पंजाब में बढ़ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए पंजाब सरकार इस विषय पर गंभीरता से कार्य कर रही है तथा इसके स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार के समक्ष पंजाब का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
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