— 55 लाख राशन कार्ड काटने की बात पूरी तरह झूठ – अनिल सरीन
— 7,511 मृतक लोगों के राशन कार्डों पर किसने लिया अनाज? आप सरकार के खिलाफ सवाल
— केंद्र ने EKYC के लिए 31 बार दी एक्सटेंशन, 30 सितंबर है आखिरी तारीख
चंडीगढ़:
राशन कार्ड मुद्दे पर प्रदेश की आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के लोगों को गुमराह कर रही है। 55 लाख राशन कार्ड काटे जाने को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान बिल्कुल झूठा है। यह आरोप पंजाब भाजपा के महासचिव अनिल सरीन द्वारा आज चंडीगढ़ में लगाया गया। इस मौके पर उनके साथ प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष सुखविंदर सिंह गोल्डी, प्रदेश प्रवक्ता एस.एस.चन्नी और प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी भी मौजूद थे।
अनिल सरीन ने कहा कि आप सरकार द्वारा 55 लाख राशन कार्ड काटे जाने की बात कही गई थी, जो 100 फीसदी झूठ है। उन्होंने खुलासा किया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सुप्रीम कोर्ट ने ई-केवाईसी (e-KYC) जरूरी की है और इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा 17 मार्च 2023 के बाद राज्य सरकार को 21 चिट्ठियां लिखी गई हैं। 30 मई 2025 के केंद्रीय मंत्री के पत्र में भी स्पष्ट किया गया कि अब तक 31 बार विस्तार (एक्सटेंशन) दिए जा चुके हैं। फिर भी पंजाब के मुख्यमंत्री का यह कहना कि केंद्र दबाव डाल रहा है, सरासर बेबुनियाद है।
असल में NFSA एक्ट के तहत केंद्र के पास किसी भी राशन कार्ड धारक का नाम काटने का कोई अधिकार नहीं है। यह अधिकार राज्य सरकारों के पास है। वही राशन कार्ड धारक का नाम काट या जोड़ सकते हैं।
भाजपा नेता ने राशन वितरण में हो रही गड़बड़ी के आंकड़े भी जारी किए
भाजपा नेता अनिल सरीन द्वारा हासिल किए गए आंकड़े भी जारी किए गए। जिसके तहत डुप्लीकेट लाभार्थी: 10,147; साइलेंट राशन कार्ड (12 महीनों से राशन न लेने वाले): 21,317; मृतक लाभार्थी: 7,511; 18 साल से कम उम्र वाले सिंगल पर्सन राशन कार्ड: 1,570; 6 लाख से ज्यादा आमदनी वाले लाभार्थी: 94,471; 20 लाख से ज्यादा सकल आय वाले लाभार्थी: 896; चार पहिया वाहन वाले लाभार्थी: 13,997; प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के डायरेक्टर: 5,399 शामिल हैं।
अनिल सरीन ने सवाल किया कि इनमें से 7,511 मृतक लोगों के कार्डों पर राशन किसने लिया? यह साफ करता है कि हेराफेरी आप सरकार द्वारा ही की जा रही है। आप सरकार राशन कार्ड के मुद्दे पर प्रदेश के लोगों को सिर्फ गुमराह कर रही है।
अनिल सरीन ने आरोप लगाया कि जैसे लोगों ने लैंड पूलिंग नीति का विरोध किया, उसकी बौखलाहट में आप सरकार अब राशन कार्डों का मुद्दा बनाकर लोगों के हकों के साथ खेल रही है।













