- हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार जातिसूचक टिप्पणी के मामले में पंजाब कांग्रेस प्रधान और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ कार्रवाई करेगी
- भगवंत मान सरकार अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स के आदेशों का पालन करेगी: हरपाल सिंह चीमा
- जांच के लिए जरूरत पड़ी तो पंजाब पुलिस अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को गिरफ्तार करने में संकोच नहीं करेगी: हरपाल सिंह चीमा
- जातिसूचक या नस्लभेदी टिप्पणी करके दलित समुदाय का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा: हरपाल सिंह चीमा
- कांग्रेस पंजाब में नफरत का जहर फैलाने की कोशिश कर रही है, जिसे जनता और सरकार कभी बर्दाश्त नहीं करेगी: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राजा वड़िंग के खिलाफ नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स (एनसीएससी) द्वारा हाल ही में जारी आदेशों के बारे में बात करते हुए कहा, उन्होंने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि तरनतारन उपचुनाव के दौरान पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने देश के पूर्व गृह मंत्री स्वर्गीय बूटा सिंह के रंग को लेकर बहुत ही आपत्तिजनक, जातिसूचक और भद्दी टिप्पणी की थी। यह मामला लंबे समय से लंबित था, जिस पर आज राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए राजा वड़िंग के खिलाफ आदेश जारी किए हैं।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार आयोग के आदेशों का पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ पालन करेगी। उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ कानून के अनुसार जो भी कानूनी कार्रवाई की जरूरत होगी, वह बिना किसी दबाव के की जाएगी। अगर जांच और प्रक्रिया के तहत उनकी गिरफ्तारी की जरूरत हुई, तो पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में संकोच नहीं करेगी।
चीमा ने कड़े शब्दों में कहा कि समाज में नस्लीय भेदभाव, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और दलित समुदाय का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी घटिया मानसिकता वाले लोगों के लिए पंजाब में कोई जगह नहीं है।
हरपाल चीमा ने कहा कि पंजाब हमारे महान गुरुओं, पीरों और संतों की पवित्र भूमि है, जिन्होंने हमेशा समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया है। कांग्रेस नेता यहां नफरत और जहर के बीज बोने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे पंजाब के लोग और हमारी सरकार कभी स्वीकार नहीं करेगी। कानून अपना काम करेगा और दलित समुदाय का अपमान करने वालों को सजा मिलेगी।



















