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राजकीय सम्मान के साथ किया गया नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार; बेटे मल्हार ने दी मुखाग्नि, पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री ने दी श्रद्धांजलि

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नाना पाटेकर बीती रात पंचतत्व में विलीन हो गए. नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। एक्टर को 3-गन सैल्यूट दिया गया. उन्हें बेटे मल्हार ने रात 11 बजकर 28 मिनट पर मुखाग्नि दी.

महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार, एकनाथ शिंदे, मंत्री चंद्रकांत पाटिल, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल और कांग्रेस नेता भाई जगताप ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी और पुष्प-चक्र अर्पित किए।

नाना पाटेकर के निधन पर पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके साथ काम करने वाले एक्टर्स, फ़िल्ममेकर्स और दूसरे लोगों ने उन्हें एक ऐसे कलाकार के तौर पर याद किया जो अपनी ज़बरदस्त स्क्रीन प्रेज़ेंस और मराठी व हिंदी सिनेमा, थिएटर और टेलीविज़न में फैले अपने करियर के लिए जाने जाते थे।

नाना पाटेकर का निधन गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके घर पर ज़बरदस्त कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) के कारण हुआ।

नाना पाटेकर अपने पीछे बेहतरीन काम की एक बड़ी विरासत छोड़ गए

गौरतलब है कि नाना पाटेकर बॉलीवुड के बड़े अभिनेतओ में से एक थे. अपनी ज़बरदस्त एक्टिंग और स्क्रीन पर अपनी खास मौजूदगी के लिए मशहूर नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई दशकों तक राज किया।

नाना ने 100 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर लोगों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बनाई है। ‘परिंदा’, ‘प्रहार: द फ़ाइनल अटैक’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निपथ’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फ़िल्मों में उनके काम ने उन्हें अपनी पीढ़ी के सबसे जाने-माने कलाकारों में से एक बना दिया। अपने करियर के दौरान उन्होंने तीन नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड जीते और उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया।

हिंदी फ़िल्मों में करियर शुरू होने से बहुत पहले ही वे थिएटर से जुड़ गए थे। पाटेकर ने थिएटर की ट्रेनिंग ली थी और फ़िल्मों में मशहूर चेहरा बनने के बाद भी वे स्टेज से जुड़े रहे। वे फ़िल्म-निर्माण से भी जुड़े थे और उन्होंने ‘प्रहार: द फ़ाइनल अटैक’ फ़िल्म का निर्देशन किया था।

‘वेलकम’ में उदय शेट्टी बनकर कॉमेडी में भी छाए

2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया था। इस कॉमेडी रोल में भी फैंस ने नाना को काफी पसंद किया। वे इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए।

आर्मी के साथ पाटेकर का जुड़ाव
इस एक्टर का भारतीय सेना के साथ भी एक खास जुड़ाव था। ‘प्रहार’ फ़िल्म की तैयारी के दौरान उन्होंने मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी और 1999 के कारगिल युद्ध के समय वे सेना के जवानों के साथ रहे थे। पाटेकर ने बाद में इस अनुभव के बारे में कभी-कभार ही बात की और कभी विस्तार से चर्चा नहीं की।

गुरुवार को जब डोंजे गांव में अंतिम संस्कार किया गया, तो फ़िल्म इंडस्ट्री से उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी रहा। अपने पैतृक गांव में पाटेकर की अंतिम यात्रा के साथ ही उनके लंबे करियर का समापन हुआ; उनके साथी और प्रशंसक एक ऐसे एक्टर को याद कर रहे थे जिनका काम मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा से कहीं आगे तक फैला