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मोदी जी ने अपने अहंकार में सोनम वांगचुक का अपमान किया- केजरीवाल

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– देशवासी सोचें, क्या इसीलिए आजादी ली थी कि एक दिन हमारी ही सरकार हमारे साथ बदसलूकी करेगी?- केजरीवाल

– पेपर लीक रोकने, शिक्षा व्यवस्था ठीक करने की बजाय सरकार युवाओं का आंदोलन कुचलने में लगी है – केजरीवाल

– मज़बूत बने रहिए सोनम जी, यह देश आपके साथ खड़ा है- केजरीवाल

– अब सबको एक होकर सड़कों पर उतरना होगा, तभी देश में कुछ बदलेगा, उठो और जंतर-मंतर चलो- केजरीवाल

– आजाद भारत में मुगलों-अंग्रेजों की तरह मोदी सरकार युवाओं की आवाज इतनी बेरहमी से क्यों दबा रही?- मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली:आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर मंतर से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन उठाने को लेकर कहा कि मोदी जी ने अहंकार वश सोनम वांगचुक का अपमान किया। मोदी जी को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी। देशवासियों को सोचना चाहिए कि क्या इसीलिए हमने आजादी ली थी कि एक दिन हमारी ही सरकार हमारे साथ बदसलूकी करेगी? सरकार पेपर लीक रोकने, शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने की बजाय युवाओं का आंदोलन को बड़ी बेरहमी से कुचलने में लगी है। उन्होंने सोनम वांगचुक से कहा कि मज़बूत बने रहिए सोनम जी, यह देश आपके साथ खड़ा है। साथ ही देशवासियों से कहा कि आज सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और ये सारे युवा आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। अब घर बैठने से काम नहीं चलेगा। अब सबको एक होकर सड़कों पर उतरना होगा। तभी इस देश में कुछ बदलेगा। उठो और जंतर-मंतर चलो।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज सुबह उठते ही यह खबर मिली कि सोनम वांगचुक जी को बहुत ही गलत तरीके से उनके धरना स्थल से उठा लिया गया है और उनका अनशन तोड़ने की कोशिश की गई है। सादे कपड़ों में पुलिस भेजकर, चारों तरफ से चादर से ढककर और उनके साथियों के साथ बदसलूकी व धक्का-मुक्की करके उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

अरविंद केजरीवाल ने याद दिलाया कि महात्मा गांधी ने भी कितने लंबे-लंबे उपवास किए थे, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार तो अंग्रेज भी नहीं करते थे। क्या हमने इसी दिन के लिए आजादी ली थी कि एक दिन ऐसा आएगा, जब हमारी अपनी ही सरकार हम लोगों के साथ इस तरह से बदसलूकी करेगी?

अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि ये हमारे देश के बच्चे हैं और इनके साथ इस तरह की बदसलूकी करना बिल्कुल सही नहीं है। ये बच्चे सिर्फ यही तो मांग रहे हैं कि उन्हें अच्छी शिक्षा व्यवस्था मिले, पेपर लीक न हों और देश में एक पारदर्शी व अच्छी परीक्षा व्यवस्था लागू हो। लेकिन इन बुनियादी मांगों पर ध्यान देने के बजाय सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि युवाओं के इस आंदोलन को कैसे फेल किया जाए, इसे कैसे बदनाम किया जाए और इसे कैसे अपमानित किया जाए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं मोदी जी से प्रार्थना करता हूं कि ऐसा मत करो और इतना अहंकार मत करो, क्योंकि इतना अहंकार अच्छा नहीं होता है। इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब किसी ने इतना अहंकार किया है, उसका नाश ही हुआ है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट का पेपर लीक हो गया। सीबीएसई के इवैल्यूएशन सिस्टम में बहुत बड़ा स्कैम हो गया। लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया। सिस्टम को ठीक कराने के लिए सोनम वांगचुक अनशन पर बैठ गए। सोनम वांगचुक के घर में कोई बच्चा अफेक्टेड नहीं है। वे अपने लिए अनशन पर नहीं बैठे, वे आपके बच्चों के लिए अनशन पर बैठे हैं। मैंने सुना कि उनके बाद अब अभिजीत दीपके भी अनशन पर बैठ गए। अभिजीत दीपके के घर में भी कोई बच्चा अफेक्टेड नहीं है। वे भी आपके बच्चों के लिए बैठे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब आपके घर में कोई बच्चा इस सड़े-गले एग्जामिनेशन सिस्टम से प्रभावित होता है, तो आप खूब शिकायत करते हैं, सरकार को गालियां देते हैं, सिस्टम को गालियां देते हैं। आज जब वे लोग जंतर-मंतर पर आपके बच्चों के लिए बैठे हैं, तो आप घर में क्यों बैठे हैं? आप उनके साथ जंतर-मंतर पर क्यों नहीं हैं?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज अगर आप जंतर-मंतर पर नहीं गए, आज अगर आपने उनके साथ मिलकर आवाज नहीं उठाई, तो कल फिर अगर कोई एग्जाम लीक हो तो शिकायत मत करना। हम सबको मिलकर सड़क पर उतरना पड़ेगा। हम सबको मिलकर आवाज उठानी पड़ेगी। सारे एक हो जाओ, तभी यह सरकार सुनेगी। नहीं तो यह सरकार बिल्कुल नहीं सुनने वाली। ये पेपर भी लीक होते रहेंगे, हमारे बच्चे आत्महत्या भी करते रहेंगे और यह सड़ा-गला सिस्टम ऐसे ही चलता रहेगा। अभी तुरंत जंतर-मंतर पहुंचो।

उधर, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने सुना था कि मुग़ल तानाशाह सत्ता से सवाल पूछने वालों पर कोड़े बरसाते थे। हमने सुना था कि अंग्रेज़ों की पुलिस देश की आवाज़ दबाने के लिए अपना विरोध दर्ज करा रहे आम लोगों पर लाठियाँ बरसाती थी।पर नरेंद्र मोदी की पुलिस तो आज़ाद भारत की पुलिस है। फिर वह युवाओं की आवाज़ को इतनी बेरहमी से क्यों दबा रही है?

मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश के नौजवान प्रधानमंत्री मोदी से केवल एक छोटी सी मांग कर रहे हैं कि जो परीक्षाएं होती हैं, उनमें होने वाली चोरी और पेपर लीक जैसे धोखे को रोककर उन्हें ईमानदारी से कराया जाए। इसके साथ ही, युवाओं की मांग है कि मोदी जी ने जो बेईमान और नाकारा शिक्षा मंत्री बिठा रखा है, उसे हटा दो। लेकिन वे इन युवाओं की बात मानना तो दूर, उनसे बात करना भी पसंद नहीं कर रहे हैं।

मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि मोदी जी के दिल में अपना अधिकार और हक मांगने वाले इन नौजवानों के प्रति इतनी नफरत भरी पड़ी है कि आज उन्होंने पुलिस भेजकर उन पर डंडे बरसवा दिए। वे जबरन उनका अनशन तुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं और इसी कड़ी में उनके नेता सोनम वांगचुक को उनकी पुलिस जबरदस्ती उठाकर अस्पताल ले गई है। आखिर मोदी जी यह क्या कर रहे हैं?

मनीष सिसोदिया ने याद दिलाया कि हमने सुना है कि मुगलों के समय में ऐसा होता था, जब मुगल तानाशाह और अत्याचारी किसी को अपनी बात तक नहीं बोलने देते थे और लोगों पर कोड़े बरसाते थे। अंग्रेजों की पुलिस भी लोगों की बात सुनने के बजाय उन पर डंडे ही बरसाती थी। आज मोदी जी भी मुगलों और अंग्रेजों से कहीं ज्यादा अपने ही देश के नौजवानों पर अत्याचार कर रहे हैं और युवाओं की आवाज को नहीं सुन रहे हैं, जिसके लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए।