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MLAs salaries: BJP सरकार का पहला बड़ा फैसला! इस राज्य में विधायकों की सैलरी एक झटके में तीन गुना, देखें new pay structure

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नेशनल डेस्क: ओडिशा की राजनीति में मंगलवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ। राज्य विधानसभा ने अपने जनप्रतिनिधियों के वेतन और भत्तों को लेकर ऐसा निर्णय लिया, जिसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद उड़ीसा के विधायक देश में सबसे अधिक सैलरी पाने वाले जनप्रतिनिधियों की सूची में शीर्ष पर पहुंच जाएंगे।

Salary increment वाला बिल सर्वसम्मति से पास, लेकिन लागू जून से होगा

सदन में पेश किया गया संशोधन बिल बिना किसी विरोध के पारित कर दिया गया। इसमें विधायकों के मासिक वेतन-भत्ते को मौजूदा ₹1.11 लाख से बढ़ाकर ₹3.45 लाख करने का प्रावधान है—यानी सैलरी अब पहले से तीन गुना से अधिक हो जाएगी। हालांकि यह बढ़ोतरी तुरंत प्रभावी नहीं होगी। नई सैलरी का लाभ जनप्रतिनिधियों को 6 महीने बाद, यानी जून 2026 से मिलेगा। विधायकों ने कहा कि बढ़ी जिम्मेदारियों, बढ़ते खर्च और क्षेत्रीय दबाव को देखते हुए यह संशोधन आवश्यक था।

CM, मंत्री, स्पीकर सभी की सैलरी बढ़ेगी
विधानसभा ने एक साथ चार विधेयकों को मंजूरी दी, जिनके बाद मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष और सभी विधायकों के वेतन-भत्तों में भारी वृद्धि लागू हो जाएगी। यह वृद्धि 3 गुना से अधिक की है, जो अब तक किसी राज्य में इतनी बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी के रूप में नहीं देखी गई थी।

विधेयक से जुड़े नए प्रावधान – परिवार को भी मिलेगा लाभ

इस संशोधित कानून में कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल किए गए हैं:-

किसी मौजूदा विधायक के निधन पर परिवार को ₹25 लाख की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

हर 5 वर्ष में वेतन व भत्तों की समीक्षा और संशोधन का प्रावधान रहेगा।

भविष्य में सैलरी बढ़ाने के लिए अध्यादेश का भी विकल्प रखा गया है, जिससे प्रक्रिया तेज हो सके।

एक नजर—नया वेतन ढांचा कैसा होगा?

मूल वेतन: ₹90,000

क्षेत्रीय/सचिवीय भत्ता: ₹75,000

यातायात (कन्वेंशन) भत्ता: ₹50,000

पुस्तक/जर्नल भत्ता: ₹10,000

बिजली भत्ता: ₹20,000

नियत यात्रा भत्ता: ₹50,000

चिकित्सा भत्ता: ₹35,000

टेलीफोन भत्ता: ₹15,000

कुल राशि लगभग ₹3.45 लाख प्रति माह—देश में किसी भी विधायक की सबसे अधिक सैलरी।

किस राज्य के विधायक कितनी तनख्वाह लेते हैं?

उड़ीसा के विधायक अब सैलरी के मामले में शीर्ष पर पहुँच चुके हैं। अन्य राज्यों का औसत इस प्रकार है:

तेलंगाना: ₹2.50 लाख

दिल्ली: ₹2.25 लाख

महाराष्ट्र: ₹2 लाख

उत्तर प्रदेश: ₹1.87 लाख

कर्नाटक व बिहार: करीब ₹1.60 लाख

केरल: सबसे कम, करीब ₹70,000 प्रति माह