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ITR Deadline Alert: ध्यान दें, इस तारीख के बाद रिटर्न भरा तो लगेगा ₹5,000 का जुर्माना, तुरंत देखें ITR की लास्ट डेट

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ITR Filing Deadline Alert : वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए टैक्स भरने वाले देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए बेहद जरूरी खबर है। इनकम टैक्स विभाग ने आधिकारिक तौर पर ITR-1 और ITR-4 फॉर्म को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भरने की सुविधा (Utility) चालू कर दी है। इसका मतलब है कि नौकरीपेशा लोगों, पेंशनर्स और छोटे व्यापारियों के लिए इस साल का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का रास्ता साफ हो चुका है लेकिन याद रखें अगर आपने तय समय सीमा (Deadline) के भीतर अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया तो आपको भारी-भरकम जुर्माना और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं सभी जरूरी तारीखें और नियम।

आयकर विभाग ने अलग-अलग श्रेणी के टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की समय सीमा अलग तय की है:
31 जुलाई 2026 (सामान्य टैक्सपेयर्स): ऐसे सभी नागरिक जिनके खातों का ऑडिट (Audit) होना जरूरी नहीं है। इसमें सभी सैलरीड (नौकरीपेशा) कर्मचारी, पेंशनभोगी, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और फ्रीलांसर्स शामिल हैं।
31 जुलाई 2026 (छोटे कारोबारी व प्रोफेशनल्स): जो छोटे व्यवसायी, डॉक्टर या इंजीनियर ‘प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम’ (Presumptive Taxation) यानी धारा 44AD, 44ADA और 44AE के तहत टैक्स चुकाते हैं।

31 अक्टूबर 2026 (टैक्स ऑडिट वाले खाते): जिन कंपनियों, फर्मों या बड़े व्यापारियों के बिजनेस अकाउंट्स का टैक्स ऑडिट होना अनिवार्य है।

30 नवंबर 2026 (अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां): ऐसी कंपनियां या बिजनेस जो अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन (International Transactions) में शामिल हैं।
अंतिम तिथि चूकी तो लगेगा ₹5,000 का झटका

यदि आप 31 जुलाई 2026 की डेडलाइन तक अपना आईटीआर नहीं भर पाते हैं तो आयकर कानून की धारा 234F के तहत आप पर जुर्माना (Late Fees) लगाया जाएगा। सिर्फ लेट फीस ही नहीं बल्कि देरी से टैक्स चुकाने पर बकाया टैक्स राशि पर धारा 234A के तहत हर महीने 1% का अतिरिक्त ब्याज भी देना होगा। समय पर रिटर्न न भरने से आपको सिर्फ पैसों की चपत नहीं लगती बल्कि कई वित्तीय लाभ भी छिन जाते हैं। अगर आपका सरकार की तरफ से कोई टैक्स रिफंड (Tax Refund) बनता है तो लेट रिटर्न भरने के कारण रिफंड आने में लंबा समय लग सकता है। आप चालू साल में हुए बिजनेस घाटे या कैपिटल लॉस (Share Market/Property Loss) को अगले साल के मुनाफे से एडजस्ट करने के लिए आगे (Carry Forward) नहीं ले जा पाएंगे।

 

जल्दबाजी न करें, फॉर्म 16 का इंतजार करें

भले ही आयकर विभाग ने पोर्टल पर फॉर्म लाइव कर दिए हैं लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि नौकरीपेशा लोगों को अभी तुरंत आईटीआर भरने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।कर्मचारियों को जून महीने में अपनी कंपनी/एम्प्लॉयर से Form 16 मिलने का इंतजार करना चाहिए। फॉर्म 16 मिलने के बाद उसका मिलान अपने Form 26AS और AIS (Annual Information Statement) के डेटा से जरूर कर लें। इससे आईटीआर में कोई गलती नहीं होगी और बाद में रिवाइज्ड आईटीआर (Revised ITR) भरने की नौबत नहीं आएगी।