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टांगरी नदी में अवैध प्लॉटिंग पर सख्त हुए अनिल विज, मुख्य सचिव को लिखा पत्र, बोले- प्राकृतिक जल प्रवाह रुका तो अंबाला में जलभराव का खतरा

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चंडीगढ़  : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने टांगरी नदी के भीतर हो रही कथित अवैध प्लॉटिंग, निर्माण और भूमि की खरीद-फरोख्त को लेकर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

विज ने कहा कि कुछ लोग नदी की भूमि को अपनी निजी संपत्ति बताकर उसकी रजिस्ट्री कर रहे हैं, रिहायशी प्लॉट काट रहे हैं और मकानों का निर्माण भी कराया जा रहा है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों के जीवन और संपत्ति के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

मंत्री ने पत्र में स्पष्ट किया कि बरसात के दौरान टांगरी नदी में जलस्तर बढ़ने पर यदि उसके प्राकृतिक बहाव में बाधा आती है तो पानी शहर की ओर फैल सकता है। इससे अंबाला छावनी के कई क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव की समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि नदियों और बरसाती नालों के जलग्रहण क्षेत्रों पर निर्माण होने से प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर शहरी क्षेत्रों पर पड़ता है।

अनिल विज ने प्रशासन से टांगरी नदी क्षेत्र का वैज्ञानिक सीमांकन कराने, सभी अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों की पहचान करने तथा उन्हें हटाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नदी के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखना पर्यावरण और जनहित दोनों के लिए आवश्यक है।
प्रशासनिक स्तर पर शुरू हो सकती है व्यापक जांच
सूत्रों के अनुसार मंत्री का पत्र मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की समीक्षा शुरू होने की संभावना है। राजस्व, सिंचाई विभाग, नगर परिषद और जिला प्रशासन से नदी क्षेत्र में हुई रजिस्ट्रियों, निर्माण गतिविधियों तथा अतिक्रमण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी जा सकती है। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो अवैध प्लॉटिंग करने वाले कॉलोनाइजरों, भू-माफिया और नियमों के विपरीत रजिस्ट्री कराने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

लंबे समय से उठता रहा है अतिक्रमण का मुद्दा
टांगरी नदी के भीतर अतिक्रमण, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण का मुद्दा समय-समय पर सामने आता रहा है। बरसात के मौसम में जलभराव की घटनाओं के बाद स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि लगातार नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग करते रहे हैं। प्रशासन ने पूर्व में कुछ स्थानों पर कार्रवाई भी की, लेकिन नए निर्माण होने के आरोप लगातार लगते रहे हैं।

नदी के मूल स्वरूप को बहाल करने की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में टांगरी नदी क्षेत्र का व्यापक सर्वे कराया जा सकता है। इस दौरान अवैध कॉलोनियों, निर्माणाधीन मकानों और संदिग्ध रजिस्ट्रियों की जांच के साथ-साथ नदी के मूल स्वरूप को बहाल करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा सकता है। इससे भविष्य में बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।