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Himachal: कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में फिर आया कुलदीप राठौर का नाम, दिल्ली में प्रभारी रजनी पाटिल से की मुलाकात

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शिमला/धर्मशाला (सौरभ): प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में पूर्व अध्यक्ष कुलदीप राठौर का नाम एक बार फिर रेस में आगे आ गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आलाकमान राठौर को दूसरा कार्यकाल देने पर लगभग एकमत है, लेकिन इस बारे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अंतिम राय लेना चाहता है। आलाकमान के बुलावे पर मुख्यमंत्री सुक्खू वीरवार दोपहर बाद दिल्ली रवाना हो गए हैं। वहां उनका प्रदेश अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रभारी रजनी पाटिल सहित अन्य नेताओं से मिलने का कार्यक्रम है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार आलाकमान अध्यक्ष पद को लेकर प्रभारी रजनी पाटिल और सह प्रभारियों उदित चौधरी व चेतन चौहान की रिपोर्ट एवं प्रादेशिक नेताओं की राय के अलावा अपने स्तर पर भी फीडबैक ले चुका है। शीर्ष नेतृत्व किसी मजबूत नेता को प्रदेश की कमान देना चाहता है।

सूत्रों की मानें तो प्रदेश से एक बड़े नेता ने पार्टी के शीर्ष नेताओं के समक्ष अध्यक्ष पद पर राठौर को दोबारा आसीन करने की पैरवी की है, जिसके पक्ष में उनके पिछले कार्यकाल में संगठन को मिली मजबूती एवं भाजपा सरकार होने के बावजूद मंडी लोकसभा व चार विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में मिली जीत का जिक्र किया है। दूसरी तरफ, होलीलाॅज खेमे ने भी राठौर को अध्यक्ष बनने पर पॉजिटिव रुख अपनाया है। ऐसे में सभी समीकरण राठौर के पक्ष में बनते दिख रहे हैं। राठौर ने वीरवार को शिमला लौटने से पहले दिल्ली में रजनी पाटिल से मुलाकात भी की है, जिसके फोटो बाकायदा अपने सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट कर अध्यक्ष पद संभालने के साफ संकेत दे दिए हैं। राठौर इससे पहले 2019 से 2022 तक अध्यक्ष पद संभाल चुके हैं। उन्होंने वीरवार को ही संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की है, जिसमें उत्तराखंड संगठन सृजन अभियान पर हुई चर्चा का हवाला दिया है।

उधर, अध्यक्ष पद संभालने के लिए शिक्षा मंत्री का पद छोड़ने को तैयार रोहित ठाकुर अभी भी रेस में बने हुए हैं। आलाकमान पहले ही रोहित से इस बारे चर्चा कर चुका है। सूत्रों के अनुसार कुछ समय पहले तक अध्यक्ष पद संभालने की अनिच्छा जाहिर करने वाले कुलदीप राठौर बदली सियासी परिस्थितियों में प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने को तैयार हो गए हैं। ऐसे में सबकी नजरें अब कांग्रेस आलाकमान पर हैं कि वह राठौर या रोहित में से किसके नाम पर मुहर लगाता है। सूत्र बताते हैं कि दोनों में से किसी के नाम पर सहमति न बनी तो आलाकमान के सामने अनुसूचित जाति वर्ग से विनय कुमार के रूप में भी विकल्प है। ऐसे में दीवाली के बाद कभी भी नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जा सकता है, जिसे लेकर दिल्ली से लेकर शिमला तक कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है।

मंत्रिमंडल विस्तार व विभागों के फेरबदल पर भी निगाहें
दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की शीर्ष नेताओं से मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल में खाली पड़े एक पद और परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल पर भी चर्चा हो सकती है। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सुक्खू कुछ मंत्रियों की परफॉर्मेंस से सन्तुष्ट नहीं हैं। ऐसे में वह आलाकमान से संभावित फेरबदल पर नए सिरे से चर्चा कर सकते हैं। आलाकमान की हरी झंडी मिलने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल व विस्तार सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद हो सकता है। सी.एम. ने इससे पहले अपनी सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा होने के तुरंत बाद मंत्रिमंडल विस्तार किया था।
क्या कहते हैं कुलदीप राठौर
कांग्रेस विधायक एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता एआईसीसी कुलदीप राठौर ने कहा कि यदि आलाकमान मुझे अध्यक्ष पद संभालने को कहती है तो मैं यह पद संभालने को तैयार हूं। अपने पिछले कार्यकाल में मैंने प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने व विपक्ष में होने के बावजूद पार्टी को उपचुनाव जिताने में अपनी भूमिका अदा की थी।