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हरपाल चीमा का अकाली दल और भाजपा पर तीखा हमला

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कहा- अकाली-भाजपा ने पंजाब के युवाओं को नशे में धकेला, किसानों के साथ विश्वासघात किया, अब सत्ता के लिए फिर से गठबंधन करना चाह रहें हैं
पंजाब के लोग किसानों के आंसुओं और बेअदबी के ज़ख्मों को कभी भूल नहीं सकते: चीमा
पंजाब में अकाली दल और भाजपा दोनों जीरो है, जुड़ भी जाएंगे तो जीरो ही रहेंगे – चीमा

चंडीगढ़:पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों ने पंजाब के युवाओं, अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को खराब किया और लोगों के साथ विश्वासघात किया। अब फिर से सत्ता पाने के लिए सांठगांठ करने की कोशिश कर रहे हैं।

चीमा ने आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “काफी समय से भाजपा और अकाली दल के नेता किसी भी तरह पंजाब की सत्ता में वापसी के लिए बेचैन हैं। आए दिन उनके नेता ऐसे बयान देते रहते हैं जिनसे लगता है कि वे फिर से गठबंधन करना चाहते हैं। वे शुरू से ही अंदरखाते मिले हुए हैं।

चीमा ने पंजाब के युवाओं को तबाह करने वाले व्यापक नशे के खतरे के लिए दोनों दलों को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार के दौरान ही एक पूरी पीढ़ी को बर्बाद करने के लिए जानबूझकर पंजाब में नशा लाया गया। यह पंजाब के युवाओं को बर्बाद करने के लिए शिअद और भाजपा द्वारा मिलकर रची गई एक साजिश थी। इन्हीं दलों ने गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा दिया। उनके शासनकाल में बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। महिलाओं के खिलाफ अपराध खुलेआम होते थे और जो उनकी रक्षा करने की हिम्मत करते थे, उन्हें गोली मार दी जाती थी। यही शिअद-भाजपा शासन का असली इतिहास है।”

उन्होंने कहा कि पंजाब का बच्चा-बच्चा जानता है कि कैसे इन दोनों पार्टियों ने राज्य में ड्रग्स लाए और गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देने में सीधी भूमिका निभाई। चीमा ने कहा, “आज भी पंजाब के लोगों को सब याद है। वहीं पूरा देश जानता है कि भाजपा किस तरह तीन काले कृषि कानून लेकर आई थी। पंजाब देश का पेट भरने वाला राज्य है, फिर भी जब भाजपा, अकाली दल के साथ गठबंधन में केंद्र की सत्ता में थी, तो दोनों ने पंजाब के युवाओं और उसके भविष्य को बर्बाद करने का रास्ता चुना।”

ऐतिहासिक किसान आंदोलन को याद करते हुए चीमा ने कहा, “उनके शासनकाल में ही ये काले कानून लाए गए थे जिसके विरोध में हर किसान उनके खिलाफ खड़ा हुआ। जनता के दबाव में, अकाली दल ने भाजपा से नाता तोड़ लिया और कहा कि वे फिर कभी गठबंधन नहीं करेंगे क्योंकि भाजपा ने किसानों को बर्बाद करने की कोशिश की। इन कानूनों के विरोध में 375 से ज़्यादा किसान मारे गए। मुझे बेहद हैरानी हो रही है कि वे कितनी बेशर्मी से फिर से गठबंधन की बात कर रहे हैं?”

चीमा ने लोगों को यह भी याद दिलाया कि अकाली दल के शासन के दौरान किस तरह गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई थी। उन्होंने कहा कि पंजाब कभी नहीं भूलेगा कि 1986 में अकाली दल के शासन में बेअदबी हुई थी। 2015-16 में भी अकाली दल के सत्ता में रहते हुए बेअदबी हुई। जब तक वे पंजाब पर राज करते रहें राज्य में नशीले पदार्थों का प्रवाह जारी रहा। यही वह समय था जब लोगों ने अपने बच्चों को बचाने के लिए विदेश भेजना शुरू किया क्योंकि पंजाब पर लुटेरों का शासन था, एक ऐसी सरकार जो राज्य को बर्बाद करने पर तुली हुई थी।”

आज, वे फिर से इस अपवित्र और सिद्धांतहीन गठबंधन को बनाने के लिए बेचैन हैं। लेकिन मैं उन्हें स्पष्ट रूप से बता दूं कि पंजाब के लोग उन पर अब कभी भरोसा नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने अकाली दल और भाजपा का असली चेहरा देख लिया है। हर बार जब वे सत्ता में आए, पंजाब को नुकसान उठाना पड़ा। अब पंजाब में आम आदमी पार्टी की ईमानदार सरकार है जिसके नेतृत्व में पंजाब फिर से तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है।

चीमा ने कहा कि दोनों पार्टियां चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, पंजाब के लोग उनके विश्वासघात, बर्बाद हुए युवाओं, किसानों के आंसुओं और बेअदबी के ज़ख्मों को नहीं भूल सकते। लोगों ने इन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया है और आगे भी खारिज करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब में अकाली दल भी जीरो है और भाजपा भी। दोनों जुड़ भी जाएंगे तो जीरो ही रहेंगे।