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कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, PF के लिए बेसिक सैलरी लिमिट बढ़कर 25,000 रुपये हुई

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नई दिल्ली: बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने EPFO ​​के लिए के लिए अनिवार्य बेसिक सैलरी की सीमा को 15000 रुपये से बढ़ाकर 25000 रुपये प्रति माह कर दी है. अब कंपनियों को 25,000 रुपये तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को PF के दायरे में लाना होगा। पहले यह सीमा 15,000 रुपये प्रति माह थी।

मतलब ये कि अगर किसी कर्मचारी की सैलरी और महंगाई भत्ता (PF का कैलकुलेशन बेसिक सैलरी और DA के आधार पर होता है.) मिलाकर 25000 रुपये या उससे कम है, तो कंपनी को उसे अनिवार्य तौर पर PF के दायरे में लाना होगा. इस आदेश से पहले ये कर्मचारी और कंपनी की सहमति पर निर्भर करता था कि वो पीएफ में शामिल होना चाहता है कि नहीं.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि इस कदम से 51 अतिरिक्त कर्मचारियों को PF बचत और पेंशन के ज़रिए सीधे फ़ायदा होगा। सरकार का खर्च 11,339 करोड़ रुपये होगा।”

गौर हो कि पहले 15000 से अधिक बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों का PF कटना या न कटना उनकी मर्जी पर निर्भर था, लेकिन केंद्र सरकार के नए आदेश के बाद ये अनिवार्य हो जाएगा. पीएफ के लिए वेज सीलिंग बढ़ने से अधिक कर्मचारियों की सेविंग बढ़ेगी. उनका रिटायरमेंट फंड तैयार होगा.

EPFO की वेज सीलिंग का सफर

1952 में बेसिक सैलरी 300 रुपये तक पीएफ अनिवार्य था

1985 में इसे बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया.

1990 में अनिवार्य पीएफ के लिए बेसिक सैलरी की सीमा को 3500 रुपये किया गया.

2001 में इस लिमिट को बढ़ाकर 6500 रुपये किया गया.

2014 में अनिवार्य PF के लिए बेसिक सैलरी की सीमा 15000 रुपये कर दी गई.

2026 में ये लिमिट 25000 रुपये कर दी गई.