यमुनानगर (परवेज खान) : यमुनानगर जिले के साढोरा कस्बा के गांव रामखेड़ी का गगनप्रीत अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। उसके पिता पिछले 18 वर्षों से बिस्तर पर हैं और चल-फिर नहीं सकते। पिता के इलाज और घर की जिम्मेदारियों को संभालने के लिए गगनप्रीत ने कर्ज उठाकर इटली का रुख किया था। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा विदेश में मेहनत कर हालात बदल देगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। प्रीत के जीजा अमनदीप ने आरोप लगाया कि जिस एजेंट के माध्यम से गगनप्रीत को विदेश भेजा गया, उसने उसे वहां यातनाएं दीं और प्रताड़ित किया।परिवार ने एजेंट समेत उसके परिवार के चार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उनका कहना है कि अगर समय रहते मदद मिलती तो शायद आज गगनप्रीत जिंदा होता। गगनप्रीत दो भाई-बहनों में सबसे छोटा था। घर का सहारा बनने निकला बेटा आज ताबूत में लौटकर आया है। शव के घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। इस बीच परिवार ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया है, जिनके हस्तक्षेप के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया तेज हुई। परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सवाल यह है कि विदेश भेजने के नाम पर युवाओं के साथ हो रहे शोषण पर कब लगाम लगेगी? क्या गगनप्रीत को न्याय मिल पाएगा? यह देखना अब बाकी है।











