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Diljit Dosanjh News: दिलजीत दोसांझ ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का किया समर्थन, बोले ‘मुझे फिर से ‘देशद्रोही’ कहा जाएगा…’,

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दिल्ली चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर छात्रों को अपना समर्थन दिया है . सोमवार को संसद मार्च में छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर दिलजीत का गुस्सा फूट पड़ा है। दिलजीत दोसांझ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दिल्ली में चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में एक नोट शेयर अधिकारियों से छात्रों की मांगें सुनने की अपील की है।

दिलजीत दोसांझ ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में उतरे

दिलजीत दोसांझ ने पंजाबी में लिखा, “आज जो हुआ वह बहुत बुरा है… छात्रों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए था। मैं अथॉरिटीज से रिक्वेस्ट करता हूं कि छात्रों की मांगों को सुन लिया जाए। जनता की आवाज रब दी आवाज होती है।’

उन्होंने आगे कहा, “मुझ पर तो पहले ही देशद्रोही का टैग बहुत बार लग चुका। अभी भी मुझे देशद्रोही ही कहा जाएगा। किसानों के विरोध-प्रदर्शन के बाद, मुझे काफी आलोचना और कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिनके बारे में मैं बात भी नहीं कर सकता। बाकी सब भगवान के हाथ में है। बाबा सब पर कृपा बनाए रखें।”

दिलजीत दोसांझ की ये बातें छात्रों के चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच आई हैं, जिनमें एक्टर ने टकराव के बजाय बातचीत करने की अपील की है। एक्टर ने छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई और माना कि अहम लेकिन विवादित मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने पर अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता है।

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर ‘ कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संसद मार्च के दौरान दिल्ली में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प के बाद केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ बैठक के बावजूद, CJP नेताओं ने साफ़ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक धरना और विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने CJP के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की। उन्होंने नड्डा को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग भी शामिल थी। सरकार ने ज्ञापन पर विचार करने का भरोसा दिलाया है और धरना खत्म करने की अपील की है। दूसरी ओर, जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, ने घोषणा की है कि उनकी भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक युवा नेताओं को संसद में सांसदों (MP) से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या सांसद खुद अस्पताल आकर उनसे नहीं मिलते।