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कांग्रेस ने रक्षा बलों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए ‘जय हिंद’ रैली निकाली 

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पठानकोट, 30 मई: कांग्रेस ने देश के रक्षा बलों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए आज यहां ‘जय हिंद’ रैली निकाली। पार्टी नेताओं ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर करने के बाद युद्ध विराम की घोषणा करने के तरीके पर आपत्ति जताई। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव और पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल ने रक्षा बलों की वीरता और साहस को सलाम किया, जिन्होंने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध विराम की घोषणा करने पर कड़ी आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्र को सबसे ऊपर रखा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद की स्थिति से निपटने में सरकार को पूरा समर्थन दिया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने अफसोस जताया कि तीसरे देश में युद्ध विराम की घोषणा करने के तरीके से पूरा देश निराश है। उन्होंने याद किया कि कैसे 1971 में श्रीमती इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के खिलाफ अपनी जमीन पर अड़ी रहीं और बंगाल की खाड़ी में सातवें बेड़े को तैनात करने के बाद भी पीछे हटने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि तब भी श्रीमती गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे।

उन्होंने कहा कि कुछ सवालों के जवाब की जरूरत है जैसे कि पहलगाम में 26 लोगों की हत्या करने वाले चार आतंकवादी कहां गायब हो गए और 2019 में पुलवामा में भारी मात्रा में आरडीएक्स कैसे लाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए, पीसीसी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने देश को गौरवान्वित करने और पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर करने के लिए रक्षा बलों को सलाम किया। उन्होंने हमारे रक्षा बलों के साथ बहादुरी से खड़े होने के लिए पठानकोट और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी बधाई दी। वारिंग ने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकवादी हमले ने देश को जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से तीसरे देश द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा की गई, उससे पूरे देश में हर कोई दुखी और निराश है कि जब पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया गया था तो संघर्ष विराम की क्या जल्दी थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी का रुख दोहराते हुए सरकार से पूछा कि किसके कहने पर संघर्ष विराम किया गया, विदेश मंत्री ने ऑपरेशन की शुरुआत में पाकिस्तान से क्यों कहा कि भारत आतंकी ठिकानों पर हमला कर रहा है, जिससे उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका मिल गया और भारत को कितना नुकसान हुआ। इस अवसर पर एआईसीसी महासचिव एवं स्थानीय सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, अरुणा चौधरी, नरेश पुरी, रविंदर दलवी, कन्हैया कुमार, अमित विज आदि मौजूद थे।